फर्रुखाबाद में विद्यालयों की मनमानी पर सख्ती, बीएसए ने जारी किए कड़े निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 अप्रैल 2026 जनपद में विद्यालयों द्वारा छात्रों एवं अभिभावकों पर पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, ड्रेस, बैग, बेल्ट, टाई, जूते आदि सामग्री विद्यालय से ही खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह मामला संज्ञान में आया, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से सभी विद्यालयों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या स्वयं विद्यालय से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह अवैध है और यह शासन के निर्देशों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि वे एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों को ही पाठ्यक्रम में शामिल करें और छात्रों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी प्रकार की सामग्री खरीदने के लिए छात्र या उनके अभिभावकों पर कोई दबाव न बनाया जाए।

इसके अलावा विद्यालयों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी फीस एवं अन्य शुल्कों का निर्धारण उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के अनुरूप ही करें। मनमाने ढंग से शुल्क वसूलने या अतिरिक्त दबाव बनाने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर इन निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाध्यापक स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों को राहत:

इस आदेश के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से विद्यालयों की इस मनमानी से परेशान थे। प्रशासन के इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी।

फर्रुखाबाद प्रशासन का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा और विद्यालयों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।