फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 अगस्त 2026 जनपद में 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद के कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद के समन्वय से प्री-मानसून तैनाती पर कार्यरत एनडीआरएफ टीम द्वारा जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पंडित जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज, जारारी फर्रुखाबाद में स्कूल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव ने किया। एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, आकाशीय बिजली सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की जानकारी दी।
विद्यार्थियों को कराया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के लिए ड्रॉप, कवर एवं होल्ड (Drop, Cover & Hold) तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ के साथ सुरक्षित प्रतिक्रिया देना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा टीम द्वारा सीपीआर (CPR), बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), प्राथमिक उपचार (First Aid) तथा गले में भोजन या कोई अन्य वस्तु फंसने की स्थिति में अपनाई जाने वाली FBAO/Choking जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई और उनका व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, स्ट्रेचर के सही उपयोग तथा आपदा के दौरान त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
आपदा से पहले तैयारी और बाद की सावधानियों की दी जानकारी
एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को आपदा से पहले की तैयारियों, आपदा के दौरान सुरक्षित व्यवहार तथा आपदा के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न जीवनरक्षक तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझा और सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
इस दौरान कैडेट्स को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने की NDRF के प्रशिक्षण की सराहना
विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार एवं उप प्रबंधक श्रीमती स्मिता ने एनडीआरएफ द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
विद्यालय प्रबंधन ने एनडीआरएफ टीम के विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यालय में ऐसे उपयोगी जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए टीम को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित विद्यार्थी आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक एवं सहायता प्रदान कर सकते हैं।
घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से करें कार्य
कार्यक्रम के समापन पर टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सजगता और सूझबूझ के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन एवं जीवनरक्षक कौशल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी जानकारी परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाई जानी चाहिए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जागरूक एवं प्रशिक्षित नागरिक आपदा के समय स्वयं की सुरक्षा करने के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने और समुदाय में आपदा जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
