अमित शाह बोले- भारतीय परंपराओं में रचा-बसा है महात्मा गांधी का संदेश

अहमदाबाद में गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था। उन्होंने कहा कि 100 साल बाद भी गांधी के विचार उतने ही प्रासंगिक रहेंगे और कभी पुराने नहीं होंगे। अमित शाह ने कहा कि गांधी का संदेश भारतीय जीवन पद्धति, भारतीय मूल्यों और देश की ज्ञान परंपरा से जुड़ा है। गांधी ने खुद कहा था कि उन्होंने कोई नई बात नहीं कही, बल्कि वही बताया जो सदियों से सुनते आए थे। अमित शाह ने कहा कि उनके विचार भारत की अपनी परंपराओं से निकले थे, इसलिए वे स्थायी हैं।

अमित शाह ने कहा कि गांधी के अनुसार देश की भाषा, संस्कृति, श्रम और उद्देश्य भारत की जड़ों से जुड़े बिना आजादी अधूरी रहेगी। विदेश से लौटने के बाद गांधी ने देश का दौरा किया और भाषाओं, बोलियों, पहनावे, खान-पान और धर्मों की विविधता के बीच एकता को देखा। उन्होंने कहा कि गुजरात विद्यापीठ भारतीय सोच के आधार पर शिक्षा के प्रयोग की जगह बना। यहां खेत, हस्तशिल्प कार्यशाला, ग्रामसभा और समाज को भी शिक्षा का माध्यम माना गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि शिक्षा हाथों को कौशल, हृदय को संवेदनशीलता और मस्तिष्क को ज्ञान के साथ विवेक देनी चाहिए। केवल ज्ञान अहंकार पैदा कर सकता है, लेकिन ज्ञान, विवेक, विनम्रता और विद्वता लाते हैं।

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