फर्रुखाबाद में NDRF ने छात्रों को सिखाए आपदा प्रबंधन और जीवनरक्षक तकनीकों के गुर

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अगस्त 2026 जनपद में 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद के कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन फर्रुखाबाद के समन्वय से जनपद में प्री-मानसून तैनाती पर कार्यरत NDRF टीम द्वारा लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पंडित दुर्गा प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, फर्रुखाबाद में स्कूल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव के नेतृत्व में NDRF टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, आकाशीय बिजली सहित विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान भूकंप की स्थिति में ड्रॉप, कवर एवं होल्ड (Drop, Cover & Hold) तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ के साथ सुरक्षित प्रतिक्रिया देना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा सीपीआर (CPR), बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), प्राथमिक उपचार (First Aid) तथा गले में भोजन या कोई वस्तु फंसने की स्थिति में अपनाई जाने वाली FBAO/Choking जीवनरक्षक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।

स्ट्रेचर और रेस्क्यू तकनीकों का किया प्रदर्शन

NDRF टीम ने घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, स्ट्रेचर के सही उपयोग तथा आपदा के दौरान त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के तरीकों का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान सुरक्षित व्यवहार और आपदा के बाद आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न जीवनरक्षक तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझा और सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया। उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

प्रधानाचार्य ने NDRF टीम का जताया आभार

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने NDRF द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने NDRF टीम के विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यालय में ऐसे महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए टीम को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ आपातकाल में परिवार और समाज के अन्य लोगों की सहायता करने के लिए भी सक्षम बनाता है।

घबराने के बजाय धैर्य और सजगता से करें कार्य

कार्यक्रम के समापन पर टीम कमांडर सहायक उप निरीक्षक रमाकांत यादव ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सजगता और सूझबूझ के साथ कार्य करें।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी और जीवनरक्षक कौशल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाकर जन-जागरूकता की कड़ी को और मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जागरूक एवं प्रशिक्षित नागरिक आपदा के समय स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने और समुदाय में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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