फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लेखपालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) एवं विजिलेंस टीम द्वारा की जा रही कथित गलत, अनुचित एवं दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई के विरोध में एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी सदर को ज्ञापन सौंपकर अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं।
संघ का कहना है कि लेखपाल राजस्व विभाग का अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी है, जो गांव-गांव जाकर शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण सहित विभिन्न राजस्व कार्यों का दायित्व निभाता है। संगठन के अनुसार, कई बार भूमि विवाद या नियमविरुद्ध कार्य न किए जाने से असंतुष्ट व्यक्ति अथवा दलाल व्यक्तिगत रंजिश के चलते लेखपाल के विरुद्ध झूठी शिकायत कर उसे फंसाने का प्रयास कर सकते हैं।
लेखपाल संघ ने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका और अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण किए बिना ट्रैप कार्रवाई की जा रही है। संघ ने 20 अगस्त 2026 को अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप से जुड़े प्रकरण का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एवं वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संगठन का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में रिश्वत की मांग स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। इसी आधार पर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अयोध्या के सोहावल प्रकरण की पुलिस विभाग से स्वतंत्र किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, शिकायत तथा प्री-ट्रैप प्रक्रिया सहित सभी तथ्यों की समीक्षा कराई जाए।
लेखपाल संघ ने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी लेखपाल के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, संभावित रंजिश, निजी स्वार्थ और शिकायत के उद्देश्य की विस्तृत जांच की जाए। इसके साथ यह भी सुनिश्चित करने की मांग की गई कि जिस कार्य को लेकर शिकायत की गई है, वह वास्तव में संबंधित लेखपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं।
संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के किसी भी रूप का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने अथवा लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष कर्मचारी को निजी रंजिश, षड्यंत्र अथवा झूठी शिकायत के माध्यम से फंसाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसी मांग को लेकर प्रदेश के 75 जनपदों की करीब 350 तहसीलों में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन एवं विजिलेंस विभाग के लिए ट्रैप कार्रवाई से संबंधित स्पष्ट, पारदर्शी और जवाबदेह दिशा-निर्देश जारी किए जाने की भी मांग की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष सचिन मिश्रा, जिला मंत्री कृष्णकांत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहनी चौहान, हिमांशु गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामजी यादव, अनुभव पांडेय,अविनाश शुक्ला सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे। संगठन ने मुख्यमंत्री से अयोध्या प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और निर्दोष पाए जाने पर लेखपाल उत्कर्षदीप को न्याय दिलाने की मांग की।
