फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 जुलाई 2026 जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौ संरक्षण, गोवंशों के रखरखाव, चारे, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं तथा निर्माणाधीन गौशालाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गौ संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है और गौ आश्रय स्थलों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में सहभागिता योजना के तहत गोपालकों को दिए जाने वाले भुगतान समय पर कराने के निर्देश दिए गए। भुगतान में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। वहीं, निर्माणाधीन गौशालाओं का कार्य लंबित रखने वाली कार्यदायी संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत सभी गौशालाओं में छायादार एवं सहजन के पौधे लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोवंशों को प्राकृतिक छाया मिलने के साथ सहजन की पत्तियों से बेहतर पोषण भी प्राप्त होगा।
आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र पंचायत निधि से सभी विकास खंडों एवं नगर पंचायतों में कैटल कैचर खरीदने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सभी गौशालाओं में चारा कटिंग मशीन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में संरक्षित गोवंशों की वास्तविक संख्या का सही रिकॉर्ड रखा जाए। जीवित एवं मृत गोवंश के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गोवंशों के लिए पर्याप्त हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और बीमार पशुओं के तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सभी उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने, शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा वर्षा ऋतु को देखते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित सभी खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
