फर्रुखाबाद:संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 जून 2026 जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया गया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत, पंचायती राज तथा आपदा प्रबंधन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी विभाग अपनी पूर्व तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समन्वित कार्ययोजना के साथ तैयार रहें।

उन्होंने निर्देश दिए कि राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, लाइफ जैकेट, नाव, तटबंध सुरक्षा सामग्री और अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन संसाधनों का नियमित सत्यापन एवं रखरखाव भी किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग किया जा सके।

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में सर्च लाइट, नाव एवं तकनीकी उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान समय पर कार्रवाई जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बैठक के दौरान जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर तैनात कर्मियों और नियंत्रण कक्ष के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया।

संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों की स्थापना, अस्थायी बाढ़ शरणालयों की तैयारी तथा वहां भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में नियमित रूप से बाढ़ राहत चौपाल आयोजित करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के उपायों, राहत व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सहायता संबंधी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए। चौपालों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों की समस्याएं और सुझाव भी प्राप्त किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री, एम्बुलेंस सेवाओं एवं चिकित्सकीय टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने को कहा गया।

लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के अंत में उन्होंने नियमित मॉक ड्रिल, विभागीय समन्वय बैठकों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर संचालित रखने के निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर पूर्व तैयारी और प्रभावी समन्वय के माध्यम से संभावित बाढ़ के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारीगण, जिला स्तरीय अधिकारी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

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