राजस्थान में कांग्रेस के भीतर इन दिनों आंतरिक सियासत चल रही है. कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी अपने आंतरिक गुटों की सियासत से बच नहीं पा रही है. भले ही केंद्रीय आलाकमान अनुशासनहीनता के मामलों में एक्शन लेने की बात करता हो लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही है. अब एक बार फिर पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के बयान ने प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है.
हेमाराम ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को सलाह दी है कि वो अब नए लोगों को भी अवसर दें. वो कई पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. हेमाराम ने अशोक गहलोत को इशारों-इशारों में सियासत छोड़ आराम करने की सलाह दे डाली है. इसे पायलट को मुख्यमंत्री का अवसर न मिलने की पीड़ा से जोड़कर भी लोग देख रहे हैं.
