उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत हर रोज अपने नए रंग दिखा रही है, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की खबरों ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी थी. हालांकि, अब मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अतरौलिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है.
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अतरौलिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि वे केवल एक सीट नहीं, बल्कि आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए गठबंधन को जिताने की तैयारी कर रहे हैं.
ओम प्रकाश राजभर ने 2022 के चुनावों को याद करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने उनकी ताकत को कम आंका था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अखिलेश जी ने अपने चेलों की बात मानकर समझा कि यहां कुछ नहीं है, अब चुनाव के बाद ही उनके चेलों से मेरी मुलाकात होगी.’
जहूराबाद में 60 हजार से अधिक वोटों से जीत का दावा
अपनी विधानसभा सीट जहूराबाद को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए राजभर ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह इस बार 60,000 से अधिक वोटों के अंतर से चुनाव जीतेंगे. राजभर ने इस दौरान सपा के कई कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी की सदस्यता दिलाई. उन्होंने कहा कि अब लोगों को समझ आ रहा है कि उन्हें ‘रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और दवाई’ चाहिए, नफरत की राजनीति नहीं.
‘समाजवादी पार्टी के गढ़’ कहे जाने वाले आजमगढ़ पर चुटकी लेते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ केवल किसी एक जाति या दल का नहीं, बल्कि यहाँ ब्राह्मण, राजपूत, यादव, मुसलमान, चौहान, मौर्य और प्रजापति समेत सभी वर्गों के लोग रहते हैं. उन्होंने दावा किया कि सुभासपा अब हर वर्ग की पसंद बन रही है. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे उस जगह काम कर रहे हैं जहाँ ‘विपक्ष को हार का डर सता रहा है.’
राजभर ने अपने अंदाज में कहा, ‘हम अतरौलिया में रुकते हैं तो दिल्ली और मुंबई तक हलचल मच जाती है.’ उन्होंने साफ किया कि पूर्वांचल की राजनीति अब उनके इर्द-गिर्द ही घूमेगी. उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम समाज शिक्षा के महत्व को समझ रहा है और यही कारण है कि सरकारी सेवाओं में उनकी भागीदारी बढ़ रही है.
ओम प्रकाश राजभर ने बसपा से सपा में आए गुड्डू जमाली का उदाहरण देते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट देने का वादा करके अपमानित किया और बाद में टिकट किसी और को दे दिया. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर जमाली के नाम के आगे ‘यादव’ लगा होता, तो शायद उन्हें टिकट मिल जाता.
जब उनसे निषाद समाज की कथित नाराजगी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया. राजभर ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कोई नाराज नहीं है, शायद आप नाराज हो सकते हैं, लेकिन जनता पूरी तरह साथ है.’
उधर, संजय निषाद ने इन दावों पर एतराज जताया है. योगी सरकार में मंत्री निषाद ने कहा है कि बिना बातचीत के ऐसे दावे करना गलत है. हम गठबंधन की बैठक में फाइनल करेंगे कि कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा.
