तमिलनाडु में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत? सर्वे के आंकड़ों ने चौंकाया

लोक पोल की ओर से एक मार्च 2026 से एक अप्रैल, 2026 तक किए गए सर्वे के मुताबिक, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन DMK राज्य की कुल 234 सीटों में से लगभग 181 से 189 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है और उसे 40.1% वोट शेयर मिलने का अनुमान है. जबकि विपक्षी AIADMK के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को राज्य में 38 से 42 सीटों के जीत की संभावना जताई गई है. इसका अनुमानित वोट शेयर 29% है.

वहीं, अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK), जो राज्य में पहली बार चुनाव लड़ रही है, को भी 8 से 10 सीटें और करीब 23.9% वोट शेयर मिलने का अनुमान है. इसके साथ-साथ एनटीके और अन्य पार्टियों का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है, जिनका अनुमानित वोट शेयर क्रमशः 4.9% और 2.1% है.

जनता के बीच किस पार्टी का वर्चस्व ज्यादा

सर्वे के मुताबिक, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन है, इसके बाद TVK चीफ विजय और AIADMK के एडापड्डी के. पलानीस्वामी का चेहरा है.

सर्वे में कहा गया कि डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलने का मुख्य कारण उसकी मजबूत जनकल्याण योजनाएं हैं, जिसमें कलैग्नार मगालिर उरिमई थोगोई, फ्री बस यात्रा और नाश्ता योजना शामिल हैं. इस योजनाओं का ग्रामी और सेमी-अर्बन क्षेत्रों की महिलाओं पर विशेष प्रभाव पड़ा है. साथ ही, डीएमके को सबसे बड़ा फायदा यह है कि विपक्षी वोट एनडीए और टीवीके के बीच बंट रहे हैं. वहीं, विजय की पार्टी TVK को खासकर युवाओं, पहली बार वोट देने वालों और सरकार से असंतुष्ट लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है. हालांकि, अकेले चुनाव लड़ने के कारण यह समर्थन सीटों में ज्यादा तब्दील नहीं हो पाएगा.

जबकि सर्वे के मुताबिक, एडापड्डी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK आंतरिक परेशानी से जूझ रही है. पार्टी में विभाजन, प्रमुख नेताओं की कमी और कमजोर संगठनात्मक स्थिति, खासकर डेल्टा और दक्षिणी जिलों में, उसके प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है.