सिंगर श्रेया घोषाल बॉलीवुड इंडस्ट्री की दिग्गज प्लेबैक सिंगर हैं. श्रेया घोषाल को 5 नेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं. श्रेया ने 16 साल की उम्र में फिल्म देवदास के लिए गाना गाकर पूरे देश के लोगों के दिलों में जगह बनाई. श्रेया ने एबीपी न्यूज के ‘आईडिया ऑफ इंडिया’ में अपनी जर्नी को लेकर बात की.
श्रेया घोषाल ने इस सेशन में ‘मोहे रंग दो लाल’, ‘मेरे ढोलना’ गाने भी गाए और अपनी सुरीली आवाज से समा बांध दिया.
श्रेया घोषाल की जर्नी
श्रेया ने अपनी शुरुआती जर्नी के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें सिंगिंग सिखाई. श्रेया ने कहा, ’16 साल की उम्र में मुझे कुछ आईडिया नहीं था. लेकिन बस मैं एक मंजिल की ओर चल पड़ी थी. ये जर्नी काफी पहले से शुरू हुई. मैं राजस्थान से आती हूं. मैं बचपन से म्यूजिक से जुड़ी रही हूं. मेरी फैमिली एकेडमी फैमिली हैं. मेरी मां बहुत सुंदर गाती थी. उन्होंने मुझे म्यूजिक सिखाया. मैं बस गाती रही. लोगों ने मुझे देखा, सराहा. फिर मैं मुंबई आई. फिर सा रे गा मा शो किया और फिर देवदास हुई. देवदास में मेरे 5 गाने थे और बैरी पिया को बहुत प्यार मिला. इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.’
एक टेक में गाया था देवदास का ‘बैरी पिया’ सॉन्ग
देवदास में गाने को लेकर श्रेया ने कहा, ‘संजय जी ने मुझे तब कहा कि आप जाइए और माइक से गाइए. थोड़ा वार्मअप कर लीजिए. तो मैं तो गाना गाकर आ गई तो वो ही फर्स्ट टेक था. सभी ने मुझे बहुत आशीर्वाद दिया.’
श्रेया घोषाल ने झेला रिजेक्शन?
श्रेया ने कहा, ‘देवदास बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म होता है किसी 16 साल की लड़की के लिए. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैंने हर गाना गाना शुरू कर दिया. मुझे इसके बाद बहुत समय लगा इसके बाद गाना गाने में. थोड़ा टाइपकास्ट भी हो जाता है. ऐसा हो गया था कि ये क्लासिकल सिंगर है. मैंने अच्छे गाने के लिए इंतजार किया. सही समय पर चीजें होना जरुरी हैं. मेरा अगला गाना ‘जादू है नशा है’ था. मेरे लिए सब धीरे-धीरे होता गया.’
