मामला जिलाधिकारी कार्यालय बांदा से सामने आया है जहां पर आज उत्तर प्रदेश जिसमें जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेन्द्र सिंह और जिला महामंत्री शोभित गुप्ता के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से भेजा गया है।
प्रदेश भर में करीब 1.50 लाख संविदा कर्मचारी जुलाई 2025 से मासिक मानदेय समय पर नहीं पा रहे हैं।
एक माह का भुगतान 2 माह या अधिक समय बाद मिल रहा है।
SNA Sparsh पोर्टल के बाद ‘लिमिट शून्य’, ‘बिल फेल’ या ‘बजट अनुपलब्धता’ जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
इससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है; कुछ मामलों में आत्महत्या के प्रयास भी सामने आए हैं।
संघ की प्रमुख मांगें:
सभी संविदा कर्मचारियों का मानदेय हर माह की 7 तारीख तक अनिवार्य भुगतान हो।
तकनीकी/प्रशासनिक समस्याओं (बिल फेल, लिमिट आदि) का स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हों।
सभी लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान हो।
भविष्य में विलंब न हो, इसके लिए समयबद्ध भुगतान की SOP जारी की जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो बांदा जिले के सभी संविदा कर्मचारी ‘नो पे – नो वर्क’ (No Pay – No Work) का रास्ता अपनाएंगे।
यह समस्या पूरे उत्तर प्रदेश में व्याप्त है, जहां विभिन्न जिलों (जैसे बलिया, कुशीनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, हरदोई आदि) में इसी तरह के प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
प्रांतीय स्तर पर भी संगठन ने कई बार वार्ता और पत्राचार किया, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
रिपोर्ट राजकुमार बांदा
