लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 अक्टूबर 2025 उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध व समावेशी बनाने के लिए राज्य भर में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में इस अभियान के द्वितीय चरण के संचालन का निर्णय लिया है, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
प्रदेश में यह विशेष अभियान 28 अक्टूबर 2025, मंगलवार से शुरू होगा। श्री रिणवा ने बताया कि प्रदेश में पिछली बार यह विशेष पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था, लगभग 22 वर्ष बाद अब इसे फिर से व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता और 1,62,486 मतदेय स्थल (बूथ) हैं। इस पुनरीक्षण में प्रदेश के सभी 75 जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,042 सहायक अधिकारी और 1,62,486 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) सक्रिय रहेंगे।
🔹 पुनरीक्षण की समय-सारणी
28 अक्टूबर – 03 नवम्बर 2025: प्रशिक्षण, तैयारी और गणना प्रपत्रों का मुद्रण।
04 नवम्बर – 04 दिसम्बर 2025: बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और प्राप्ति।
09 दिसम्बर 2025: आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन।
09 दिसम्बर 2025 – 08 जनवरी 2026: दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि।
09 दिसम्बर 2025 – 31 जनवरी 2026: सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया।
07 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। इसके लिए बूथों के सत्यापन और सम्भाजन की प्रक्रिया भी पुनरीक्षण के साथ की जाएगी।
श्री रिणवा ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग दें और अपने-अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करें।
“लोकतंत्र को सशक्त बनाने का पहला कदम है—मतदाता सूची में आपका नाम होना। हर पात्र नागरिक अपना नाम अवश्य जुड़वाए।”
— नवदीप रिणवा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
