स्पर्धा, चुनौती, असफलता कदम दर कदम हर व्यक्ति के सामने आती है। कोई इन विषम परिस्थितियों को सहज व सरल रूप में लेता है तो कोई एक के बाद एक आ रही इन परिस्थितियों में स्वयं को सामान्य नहीं रख पाता, फलत: डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। डिप्रेशन अनेक कारणों से होता है। – जिनके जीवन में शांति नहीं होती। – आवश्यकताएं व आकांक्षाएं अधिक हैं पर उन्हें पूरा करने के साधन सीमित हैं। – पति-पत्नी यौन संपर्क में एक दूसरे को संतुष्ट न कर पाते हों। – अच्छी…
Day: March 23, 2026
जानिए अंजीर के फल से होता है क्या
आयुर्वेद में कई सालों से रोगों के उपचार में प्रयोग किया जा रहा गूलर बहुगुणी है. इसका कच्चा व पका दोनों तरह का फल उपयोगी है. साथ ही इसकी जड़, छाल आदि भी चिकित्सकीय रूप से प्रयोग होती है. गर्मी के मौसम में खासतौर पर इसके फूल कार्य में लिए जाते हैं जो कि अंजीर के फल के समान होते हैं. पोषक तत्त्व : कच्चे गूलर का स्वाद फीका और पके का मीठा होता है. एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटिक, एंटीअल्सर, एंटीइंफ्लेमेट्री, एंटीअस्थमेटिक तत्त्वों से युक्त गूलर कई अन्य रोगों में इस्तेमाल होता है.…
इत्र और आयुर्वेद में इस्तेमाल होता है खसखस
खसखस 🌿खस एक बारहमासी कम सिचित जमीन पर उगने वाली घास है । प्राचीन काल में बंजर भूमि और खेतों की मेंड़ और बंधों मे लगायी जाती थी। एक बार लगा देने के बाद सालोंसाल उगती रहती थी। जिसकी अब खेती इत्र में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण आवश्यक तेल के उत्पादन के लिए की जाती है। खस में सुगंधित तेल इसकी जडों में होता है। ऊपर की हरी घास सूख जाने पर जमीन अंदर जड़ें सुरक्षित रहती है। इन्ही से आसवन विधि से सुगंधित तेल निकाला जाता…
