‘लाठी-गोली क्यों चली’: बिहार में छात्रों पर कार्रवाई से भड़के राहुल गांधी

बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव बढ़ता दिख रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सत्ता को आखिरकार जनता को जवाब देना पड़ता है। उन्होंने कहा ने कहा कि वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं है।

सवाल: राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात के बाद क्या कहा?
जवाब: राहुल गांधी ने बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मुलाकात की, जिन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। कांग्रेस सांसद ने इन छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने सिर्फ निष्पक्ष अवसर की मांग की थी। वे पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकारों की बात कर रहे थे। राहुल गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि ऐसी मांगों के जवाब में लाठी और गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी?

सवाल: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई में क्या हुआ?
जवाब: राहुल गांधी के मुताबिक, पुलिस की लाठियों के साथ एके-47 और पिस्तौल से चली गोलियों में भी कई छात्र घायल हुए। उन्होंने एक ऐसे युवक का जिक्र किया, जो सेना में सेवा देने की तैयारी कर रहा था। राहुल ने दावा किया कि एके-47 की गोली से उसके पैर को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस घटना से उस युवक का सेना में जाने का जीवनभर का सपना भी टूट गया। यह दावा राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किया है।

सवाल: छात्रों की मांग क्या थी?
जवाब: राहुल गांधी के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे युवा तीन प्रमुख बातों की मांग कर रहे थे।

निष्पक्ष अवसर: छात्रों का कहना था कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए निष्पक्ष और उचित अवसर मिलना चाहिए। उनका विरोध परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर था।

पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था: युवा परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे थे। राहुल ने भी कहा कि वे एक साफ और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं।

अपने अधिकार: राहुल के मुताबिक, प्रदर्शनकारी युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।

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