कर्णप्रयाग विवाद को लेकर CM धामी से मिला सिख प्रतिनिधिमंडल

कर्णप्रयाग में पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे सिख समुदाय संबंधी विवाद को लेकर सकारात्मक पहल हुआ है. सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की, वहीं रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में प्रशासन और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता सफल रही. निहंग सिख गुरुद्वारे से नीचे उतर आए हैं और शांतिपूर्वक निकलने पर सहमति बन गई है.

मंगलवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने कर्णप्रयाग विवाद पर विस्तार से चर्चा की और समाज की भावनाओं से अवगत कराया. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है. प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखण्ड ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा का पालन करने वाला राज्य है और यहां सभी धर्मों के लोगों का सम्मान किया जाता है.

इसी बीच रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र स्थित गुरुद्वारे में चार दिनों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया. जिला प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. वार्ता के बाद निहंग सिख गुरुद्वारे से नीचे उतर आए हैं और उन्होंने कुछ समय में शांतिपूर्वक वहां से निकलने पर सहमति जताई है. निहंग सिख कर्णप्रयाग में कथित पगड़ी अपमान की घटना से आहत थे, जिसके विरोध में वे गुरुद्वारे में पहुंचे थे। अब प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है.

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