Friday, 30 October 2026 | 6:41 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में पोक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता बच्चों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार : अपर सिविल जज नमिता दुबे

म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में अपर सिविल जज नमिता दुबे ने लगभग 730 छात्र-छात्राओं और 50 एनसीसी कैडेट्स को पोक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
Share:
फर्रुखाबाद में पोक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता बच्चों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार : अपर सिविल जज नमिता दुबे
म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में पोक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 01 अक्टूबर 2026 म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों एवं पोक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 730 छात्र-छात्राओं तथा 50 एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री नमिता दुबे, अपर सिविल जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहगढ़ रहीं। विद्यालय के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया।

अपने संबोधन में सुश्री नमिता दुबे ने कहा कि पोक्सो एक्ट बच्चों की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार है, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करना तथा पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक घटना अथवा उसकी आशंका होने पर चुप न रहें और तत्काल संबंधित अधिकारियों, परिवार या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें।

उन्होंने पोक्सो अधिनियम की धारा-19 के अंतर्गत अपराध की सूचना देने के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि विशेष किशोर पुलिस इकाई अथवा स्थानीय पुलिस को सूचना देकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने बच्चों की गरिमा, गोपनीयता और संवेदनशील तरीके से उनकी बात सुने जाने के कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति भी जागरूक किया गया। सुश्री दुबे ने सलाह दी कि छात्र-छात्राएं अपनी निजी जानकारी, फोटो अथवा व्यक्तिगत सामग्री अनजान लोगों के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षक या विश्वसनीय वयस्क से सहायता प्राप्त करें।

संवादात्मक सत्र के दौरान सुश्री नमिता दुबे ने विद्यार्थियों से पोक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर एनसीसी कैडेट देवेश यादव एवं कैडेट प्रियांशु सक्सेना ने दिया। दोनों कैडेट्स ने बाल सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

कैडेट देवेश यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा परिवार, विद्यालय, प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे विधिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी सहायक होते हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश चंद्रा, सहायक अध्यापक ने किया। इस अवसर पर शिक्षक मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार कठेरिया, प्रदीप जायसवाल, अरविंद कुमार, रामेश्वर दयाल, विश्व प्रकाश, प्रबल प्रताप सिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि सुश्री नमिता दुबे का आभार व्यक्त किया गया। विद्यार्थियों ने बाल सुरक्षा, विधिक अधिकारों और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।