बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी
सीके अनिल (C.K. Anil) बिहार कैडर को शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर तबादला कर दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। क्योंकि सी के अनिल की छवि भी कड़क और ईमानदार वाला है। पूर्व अपर मुख्य सचिव के के पाठक की तरह ही सख्त मिज़ाज़ के अधिकारी हैं।
ये 1991 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं।
इनकी पहचान एक सख्त, ईमानदार और बेबाक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
सीवान के डीएम रहते हुए बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को लेकर वे चर्चा में आए थे।
वे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव रह चुके हैं।
अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल तथा प्रशासनिक गतिरोध के बाद, 28 अप्रैल 2026 को बिहार सरकार ने उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से हटा दिया था।
उन्हें राजस्व विभाग से हटाकर बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी (Advisor) के पद पर भेज दिया गया था।
उनके सख्त कार्यकलापों के कारण शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बन गया है।