नवादा,17 अक्टूबर। हिसुआ प्रखंड के पांचूगढ़ निवासी डॉ. प्राणेश कुमार पिंकु ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना के माध्यम से इतिहास विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
डॉ. प्राणेश कुमार पिंकु वर्तमान में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की वर्ष 2022 की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत प्रधानाध्यापक के रूप में उच्च माध्यमिक विद्यालय, भदौनी, नवादा में कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में प्रारंभिक विद्यालय से अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद विभिन्न शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए वे उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक और फिर प्रधानाध्यापक के पद तक पहुंचे। लंबे शिक्षण अनुभव, निरंतर अध्ययन और मेहनत के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
डॉ प्रणेश निरंतर शैक्षणिक गतिविधियों के कारण प्रोन्नति पाते रहे हैं। आचरण से सामाजिक , सौम्य और शालीन व्यक्ति रहे हैं। अपने व्यवहार से लोगों के बीच इनकी अच्छी पैठ भी बनी रही है।
उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य
डॉ. प्राणेश कुमार पिंकु ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और अनुभव से लाभान्वित करना तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए काम करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखते रहने, पढ़ने और मेहनत करने से सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता श्रीमती सुशीला देवी, पिता श्री वीरेंद्र कुमार, भाइयों प्रमोद कुमार एवं प्रवीण कुमार तथा अपनी दादी श्रीमती सावित्री देवी के आशीर्वाद और प्रेरणा को दिया। उन्होंने बताया कि शतायु पूरी कर चुकीं उनकी दादी बचपन से ही कहानियों के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने और जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा देती रही हैं। युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी उपलब्धि
डॉ. प्राणेश कुमार पिंकु की सफलता इस बात का उदाहरण है कि निरंतर परिश्रम, अनुभव और सीखने की ललक से व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकता है। उनकी उपलब्धि से हिसुआ और नवादा जिले के युवाओं को शिक्षा एवं अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।