उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार गांधी जयंती के अवसर पर पाॅक्सों एक्ट, 2012 के प्रावधानों, कानूनी नतीजों तथा महिला एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान दिनांक 25.09.2026 से 02.10.2026 तक चलाया जा रहा है। प्रथम चरण के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं द्वारा विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान के तहत आज दिनांक 30.09.2026 को राजा श्री कृष्णदत्त इण्टर कालेज, जौनपुर श्री सुरेन्द्र प्रताप यादव, अपर जिला ए अभियान के तहत आज दिनांक 30.09.2026 को राजा श्री कृष्णदत्त इण्टर कालेज, जौनपुर श्री सुरेन्द्र प्रताप यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम, जौनपुर द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि अज्ञानता के कारण कोई किशोर बालक और बालिका ना कोई गंभीर अपराध करें ना उसका शिकार बने उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के नीचे के किशोर किशोरियों और बच्चों के प्रति किसी भी लैंगिक अपराध के लिए कठोर कानून है और इसमें पीड़ित प्रताड़ित के लिए विशेष सुविधा दिया गया है इन अपराधों की गंभीरता के आधार पर 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा दी जाती है और 7 वर्ष तक के बच्चों के लिए गवाही देने का विशेष प्रावधान किया गया है इसके अतिरिक्त 7 से 12 वर्ष की आयु के अपराधी किशोरों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है और उनका परीक्षण किशोर न्याय बोर्ड में किया जाता है उन्होंने किशोर बालक बालिकाओं को विशेष रूप से सजग रहने और अपराधों के प्रति माता-पिता और घर वालों को तत्काल सूचना देने के बारे में अवगत कराया । उन्होंने आगे बताया की सही मामलों पर तत्काल ही प्राथमिक की लिखने में परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन अनावश्यक और गलत मामलों में शत्रुता के कारण किसी को गलत फंसाना भी नहीं चाहिए। वं सत्र न्यायाधीश षष्टम, जौनपुर द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि अज्ञानता के कारण कोई किशोर बालक और बालिका ना कोई गंभीर अपराध करें ना उसका शिकार बने उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के नीचे के किशोर किशोरियों और बच्चों के प्रति किसी भी लैंगिक अपराध के लिए कठोर कानून है और इसमें पीड़ित प्रताड़ित के लिए विशेष सुविधा दिया गया है इन अपराधों की गंभीरता के आधार पर 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा दी जाती है और 7 वर्ष तक के बच्चों के लिए गवाही देने का विशेष प्रावधान किया गया है इसके अतिरिक्त 7 से 12 वर्ष की आयु के अपराधी किशोरों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है और उनका परीक्षण किशोर न्याय बोर्ड में किया जाता है उन्होंने किशोर बालक बालिकाओं को विशेष रूप से सजग रहने और अपराधों के प्रति माता-पिता और घर वालों को तत्काल सूचना देने के बारे में अवगत कराया । उन्होंने आगे बताया की सही मामलों पर तत्काल ही प्राथमिक की लिखने में परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन अनावश्यक और गलत मामलों में शत्रुता के कारण किसी को गलत फंसाना भी नहीं चाहिए।
उक्त अभियान के अन्तर्गत शिविर में चीफ लीगल एड डिफेंस श्री अनिल कुमार सिंह द्वारा गलत और सही स्पर्श के बारे में बताते हुए हेल्पलाइन नंबर 1098 15100, 112 नंबरों के बारे में बताएं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क सहायता और विधिक पैरवी की सुविधाओं के बारे में बताया और सोशल मीडिया पर सावधान रहने और साइबर क्राइम से बचने के बारे में विस्तार से बताते हुए अकेले और अलग स्थान पर जाने और अपरिचित लोगों से बचने की सलाह दिया उन्होंने यौन उत्पीड़न यौन अपराध यौन शोषण और अश्लीलता के बारे में सरल भाषा में विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के लड़के लड़कियों दोनों पर लागू होता है और इसमें पुलिस सादे कपड़ों में जाकर घर पर पीड़ित बच्चों का बयान लेती है
साथ ही दिनांक 30.09.2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर श्री सुशील कुमार शशि के निर्देशन और सिविल जज सी0डि0/सचिव, श्री सुशील कुमार सिंह की देखरेख में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन सरयू देवी इंटर कॉलेज रज्जूपुर, जौनपुर में किया गया इस अवसर सचिव, श्री सुशील कुमार सिंह ने लोगों को लैंगिक उत्पीड़न के नियम और उसके आवश्यक प्रावधान के बारे में ड्राइविंग लाइसेंस के महत्व के बारे में अनुशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के महत्व के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक नए पहुंचाना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का अंतिम उद्देश्य है । बच्ची देवी प्रति उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में पारित निर्णय के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
इस कार्यक्रम डा0 दिलीप कुमार डिफेंस काउंसिल में 10 वर्ष से 20 वर्ष तक बच्चों में होने वाले शारीरिक परिवर्तन और हारमोंस की सक्रियता से उत्पन्न तनाव से संतुलन स्थापित करने के बारे में और प्राधिकरण की स्थापना और लीगल एंड डिफेंस सिस्टम के बारे में बताते हुए बच्चों को सावधान किया कि वह अपराधी किस्म के लोगों से बचें और हर जानकारी अपने माता-पिता परिवार को तत्काल सूचित करें देवेंद्र कुमार यादव काउंसलर पारिवारिक न्यायालय जौनपुर नया बताया कि प्राधिकरण के विभिन्न मध्यस्थ फ्रंट ऑफिस पर लीगल वॉलिंटियर्स और पैनल हमेशा हर प्रकार की मदद को तैयार रहते हैं और लोगों को उनसे लाभ उठाना चाहिए।
इसी क्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामकृष्ण मिश्रा द्वारा श्रमिक कानून के बारे में तहसीलदार मछली शहर सुरेंद्र कुमार वर्मा द्वारा राजस्व मामले की विस्तार से जानकारी दी गई मुरलीधर गिरी सह परीवीक्षा अधिकारी के द्वारा प्रोबेशन ऑफिस मे दी जख रही सुविधाओं और किशोर के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसी क्रम में भूपेंद्र यादव महाजन अली शालिनी प्रजापति एवं थानाअध्यक्ष थाना अध्यक्ष पवारा नावेद आलम के द्वारा भी संबोधन किया गया सरस्वती वंदना सिद्धि चैरसिया और उनकी टीम के द्वारा तथा स्वागत गीत इशिता और श्रेया तिवारी के द्वारा प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम के अंत में खुशबू के द्वारा आत्मरक्षा संबंधित कला कौशल का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर पारिवारिक न्यायालय जौनपुर देवेंद्र कुमार यादव सुरेंद्र कुमार वर्मा तहसीलदार मछली शहर मुरली घर डर गिरी सहपरीवीक्षा अधिकारी रामकृष्ण मिश्रा श्रम प्रवर्तन अधिकारी थानाअध्यक्ष पंवारा महाजन अली सहायता केंद्र भूपेंद्र यादव पैनल लॉयर प्रबंधक जियालाल पटेल प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।