इटावा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में इटावा के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) विकास नायक और उनके चालक देवांश कुमार की मौत हो गई। हादसा फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब 69वें किलोमीटर पर हुआ। दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, DFO विकास नायक अपने चालक देवांश कुमार और 65 वर्षीय केशवती के साथ वाहन से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही एक कार डिवाइडर तोड़कर विपरीत लेन में पहुंच गई और DFO के वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचाया गया। उपचार के दौरान विकास नायक और उनके चालक देवांश कुमार ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, दूसरी कार में सवार दंपती भी दुर्घटना में घायल हुए हैं। तीनों घायलों का उपचार सैफई में जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दूसरी कार के चालक को नींद की झपकी आने की बात पुलिस जांच के हवाले से सामने आई है, हालांकि दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक जांच जारी है।

जून 2025 में इटावा आए थे विकास नायक
विकास नायक ने जून 2025 में इटावा के प्रभागीय वन अधिकारी का पदभार संभाला था। वे राजस्थान के नागौर जिले के रहने वाले थे और भारतीय वन सेवा के अधिकारी थे। इटावा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वन संरक्षण, सारस संरक्षण और सरसईनावर झील से जुड़े कार्यों में भी भूमिका निभाई।

DFO विकास नायक की असामयिक मौत की खबर से वन विभाग और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर है। इटावा के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने घटना पर दुख जताते हुए इसे जिले के लिए क्षति बताया। एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने भी शोक व्यक्त किया है।
अभिषेक शाक्या (एडिटोरियल जनरल मैनेजर) दस्तक मीडिया ग्रुप