Friday, 30 October 2026 | 6:41 PM
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रजौली में स्वास्थ्य विभाग की पोल खुला

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रजौली में स्वास्थ्य विभाग की पोल खुला
 अस्पताल गेट पर ई-रिक्शा में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
नवादा से द दस्तक 24 
नवादा,16 अक्टूबर।
रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था सामने आई है। अस्पताल परिसर में ही एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा पर बच्चे को जन्म दे दिया। घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की है, जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार सिरदला प्रखंड के खनपुरा पंचायत के दुधैली गांव निवासी राहुल कुमार की पत्नी सोनी देवी गर्भवती थीं। शुक्रवार सुबह अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। राहुल ने बताया कि दर्द से तड़प रही पत्नी को देखकर उनके पास एंबुलेंस बुक करने का समय नहीं था, क्योंकि एंबुलेंस आने में काफी समय लग जाता है। इसलिए वे आनन-फानन में परिजनों के साथ पत्नी को ई-रिक्शा पर लेकर रजौली अनुमंडलीय अस्पताल के लिए निकल पड़े। जैसे ही ई-रिक्शा अस्पताल परिसर में पहुंचा, सोनी देवी का दर्द और तेज हो गया और ई-रिक्शा पर ही उन्होंने बच्चे को जन्म दे दिया। ई-रिक्शा पर डिलीवरी की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज और परिजन अचंभित रह गए और भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के कर्मी दौड़ते हुए ई-रिक्शा के पास पहुंचे। स्वास्थ्यकर्मियों ने वहीं पर नवजात की नाल काटी और आनन-फानन में जच्चा-बच्चा दोनों को प्रसव कक्ष में ले जाया गया, जहां नवजात की साफ-सफाई और जरूरी जांच की गई।
राहुल कुमार ने बताया कि यह उनकी पत्नी की चौथी डिलीवरी थी। इस बार उन्हें बेटा हुआ है। इससे पहले उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे 14 वर्ष और 5 वर्ष के तथा एक 8 वर्ष की बेटी है।

इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही कर्मियों ने तत्परता दिखाई। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल में ही निगरानी में हैं। हालांकि यह घटना अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती या अस्पताल में प्रसव कक्ष तक पहुंचने में थोड़ी और तेजी होती, तो महिला को ई-रिक्शा पर प्रसव की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती।