फर्रुखाबाद (द दस्तक 24):
जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विकशन' के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) के निर्देशों के अनुपालन में फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने संगीन अपराध के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
मामला-
थाना कम्पिल क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2019 में दर्ज मु.अ.सं. 70/2019 (वाद संख्या 162/2019) धारा 302, 504 भा.द.वि. तथा मु.अ.सं. 71/2019 (वाद संख्या 163/2019) धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अभियुक्त पिंकी उर्फ राजेश पुत्र रामवीर सिंह (निवासी सिरसाम, थाना कम्पिल, जनपद फतेहगढ़) के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने मामले की गहन विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान दोषी सिद्ध -
माननीय डी.जे. कोर्ट (DJ Court) द्वारा 09 अक्टूबर 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए प्रस्तुत साक्ष्यों और ठोस पैरवी के आधार पर अभियुक्त को दोषी सिद्ध किया गया। न्यायालय ने मु.अ.सं. 70/2019 में अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा ₹50,000/- के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, मु.अ.सं. 71/2019 (आर्म्स एक्ट) में अभियुक्त को 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹4,000/- के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस सफल पैरवी में डीजीसी श्री सुदेश प्रताप सिंह, एडीजीसी श्री पंकज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हे.का. सुदेश कुमार और पैरोकार हे.का. आदित्य दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके अथक प्रयासों से अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचाया गया।