शहीद कौशलेंद्र सिंह की प्रतिमा से निकाला मार्च
किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहीद कौशलेंद्र सिंह की प्रतिमा से मार्च निकाला। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसानों की समस्याओं का जल्द निस्तारण होना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिल सके।
गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने गन्ने का रेट बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि गन्ने से चीनी के अलावा एथेनॉल और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं, जिससे आर्थिक लाभ होता है। ऐसे में किसानों को भी इसका उचित लाभ मिलना चाहिए।
संगठन ने ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग भी रखी। ये मांगें संयुक्त किसान मोर्चा के मांग पत्र में शामिल बताई गईं।
राष्ट्रीय राजमार्ग 730 सी पर चालान को लेकर नाराजगी
स्थानीय समस्याओं का उल्लेख करते हुए अजय कटियार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 730 सी पर ब्लैक स्पॉट के आसपास पर्याप्त संकेतक लगाए बिना और जागरूकता अभियान चलाए बिना चालान किए जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने मांग की कि पहले सड़क पर दुर्घटना संभावित स्थानों से 500 मीटर पहले और 500 मीटर बाद तक आवश्यक संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते खतरे की जानकारी मिल सके।
स्लीपर बसों के अवैध काउंटर और जाम की समस्या
किसान नेताओं ने फर्रुखाबाद शहर के व्यस्ततम इलाकों में स्लीपर बसों के संचालन और कथित अवैध काउंटरों पर भी सवाल उठाए। अजय कटियार ने कहा कि शाम के समय नो-पार्किंग क्षेत्रों में बसें खड़ी होने से यातायात प्रभावित होता है और कई बार भीषण जाम की स्थिति बन जाती है।
उन्होंने मसेनी चौराहे जैसे दुर्घटना संभावित स्थान से छिबरामऊ जाने वाली बसों के संचालन पर भी चिंता जताई। संगठन ने यातायात व्यवस्था सुधारने, नियमों का पालन सुनिश्चित करने और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की।
किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली कनेक्शन न काटने की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों पर प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि मौसम की मार और बाढ़ से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
इसके अलावा बिजली विभाग द्वारा बकाया बिल के कारण किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने पर रोक लगाने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि किसानों को गेहूं की फसल तैयार होने तक बिजली बिल जमा करने के लिए समय दिया जाए, जिससे वे फसल से होने वाली आय के बाद भुगतान कर सकें।
मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने प्रशासन से सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी, पूर्व मंडल सचिव अफरोज मंसूरी, जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मिश्रा, ब्रजेश गंगवार, अशोक यादव, संजीव सोमवंशी, जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य, जिला महासचिव अभय यादव, युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार, राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, दिनेश सिंह, बिजनेश यादव, सुशील दीक्षित, कश्मीर गंगवार, रामनरेश यादव, सोनू सोमवंशी, रामप्रकाश पाल, बबलू खटीक, टिंकू यादव, बड़े यादव, सत्येंद्र यादव और अजीत सोमवंशी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।