Friday, 30 October 2026 | 7:31 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:AAP जिलाध्यक्ष नीरज प्रताप शाक्य को घर पर पुलिस ने लिया हिरासत में, शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने लखनऊ जा रहे थे

फर्रुखाबाद में आम आदमी पार्टी (AAP) के जिलाध्यक्ष इंजी. नीरज प्रताप शाक्य ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने के लिए लखनऊ जाते समय पुलिस ने उनके घर की घेराबंदी कर उन्हें वहीं हिरासत में ले लिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने वाला कदम बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
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फर्रुखाबाद:AAP जिलाध्यक्ष नीरज प्रताप शाक्य को घर पर पुलिस ने लिया हिरासत में, शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने लखनऊ जा रहे थे

फर्रुखाबाद (द दस्तक 24) : आम आदमी पार्टी (AAP) के फर्रुखाबाद जिलाध्यक्ष इंजी. नीरज प्रताप शाक्य ने पुलिस पर उन्हें घर में ही हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के साथियों के साथ शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने के लिए लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके घर की घेराबंदी कर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया और घर पर ही हिरासत में ले लिया।

इस घटनाक्रम को लेकर नीरज प्रताप शाक्य ने लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन शांतिपूर्ण धरने के माध्यम से अपनी मांग उठाना चाहता है, तो उसे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

'क्या शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना भी अपराध है?'

इंजी. नीरज प्रताप शाक्य ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देश में अघोषित इमरजेंसी जैसा माहौल बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना और घर पर ही हिरासत में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता, असहमति का सम्मान और जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछने के अधिकार से तय होती है। विरोध की आवाज को रोकने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान

AAP जिलाध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को जारी रखने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई से उनका संकल्प कमजोर नहीं होगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई जाती रहेगी।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, “हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं। लोकतांत्रिक अधिकारों और सवाल पूछने की आजादी के लिए आवाज उठाते रहेंगे।”

लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उठाए सवाल

नीरज प्रताप शाक्य के इस बयान के बाद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों को लेकर सवाल सामने आए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति जताना और अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन करना नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है।

फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनका पक्ष सामने आया है। घटना के संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध होने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।