लखनऊ:उत्तर प्रदेश–जापान साझेदारी से निवेश, तकनीक और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अगस्त 2026 राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश–जापान निवेश सम्मेलन-2026’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

सम्मेलन में भारत-जापान आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान निवेश, तकनीक, कौशल विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन्वेस्ट यूपी द्वारा कौशल विकास तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण एमओयू भी किए गए।

कार्यक्रम में भारत और जापान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूती देने का संदेश दिया गया।

तकनीक और युवा शक्ति के मेल से विकास को गति

सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि जापान की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता, नवाचार क्षमता और अनुशासित कार्य संस्कृति को उत्तर प्रदेश की विशाल युवा शक्ति, कुशल मानव संसाधन और उद्यमशीलता से जोड़कर औद्योगिक विकास को नई गति दी जा सकती है।

ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, मेडिकल टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत-जापान सहयोग की व्यापक संभावनाएं सामने आईं।

यामानाशी के साथ साझेदारी पर विशेष जोर

उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच सहयोग को भी सम्मेलन में महत्वपूर्ण स्थान मिला। ग्रीन हाइड्रोजन, अनुसंधान, कौशल विकास और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

निवेश-अनुकूल माहौल से उत्तर प्रदेश को नई पहचान

कार्यक्रम में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

भारत और जापान के बीच बढ़ती साझेदारी से निवेश को रोजगार, तकनीक को प्रतिभा और नवाचार को विकास से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

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