फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अगस्त 2026 कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
बैठक के शुभारंभ पर मुख्य विकास अधिकारी ने आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी को विभागीय योजनाओं को एजेंडावार एवं बिंदुवार विस्तार से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा आय-व्यय की जानकारी समिति के समक्ष रखी गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत संकर शाकभाजी, सब्जियों के लिए मचान, स्ट्रॉबेरी, पपीता, अमरूद, ग्लेडियोलस, फ्रूट कवर, घेराबंदी, प्याज, लहसुन, धनिया, हल्दी एवं अदरक सहित विभिन्न कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी दी गई। जैविक खेती, आईपीएम, बागवानी मशीनीकरण, मल्चिंग, सुगंधित एवं औषधीय पौधों तथा मधुमक्खी पालन के लक्ष्यों से भी किसानों को अवगत कराया गया।
हाईटेक नर्सरी और टिश्यू कल्चर लैब पर भी दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र में हाईटेक नर्सरी की स्थापना, छोटी नर्सरी निर्माण एवं नर्सरी के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान की व्यवस्था है। टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना के लिए भी क्रेडिट लिंक्ड बैंक एंडेड सब्सिडी का प्रावधान है। इसके साथ ही शाकभाजी एवं मसाला बीज उत्पादन, रोगमुक्त सब्जी बीज उत्पादन, बीज विधायन केंद्र तथा मशरूम उत्पादन एवं कंपोस्ट उत्पादन इकाइयों के लिए उपलब्ध सहायता की जानकारी किसानों को दी गई।
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लक्ष्य बताए
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत संकर शाकभाजी कार्यक्रम में सामान्य वर्ग के लिए 30 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति के लिए 10 हेक्टेयर, कुल 40 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त ट्रैक्टर, पावर टिलर एवं पावर नैपसेक स्प्रेयर सहित बागवानी मशीनीकरण से संबंधित लक्ष्यों की भी जानकारी दी गई।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत छोटे एवं सीमांत जोत वाले किसानों को निःशुल्क बीज वितरण सहित मसाला, संकर शाकभाजी, पुष्प, जैविक खेती, मधुमक्खी पालन और लो-कॉस्ट मशरूम उत्पादन इकाइयों के निर्धारित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
माइक्रो इरीगेशन पर किसानों को मिलेगा अनुदान
बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ माइक्रो इरीगेशन कार्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया गया कि UPMIP पोर्टल पर इम्पैनल्ड माइक्रो इरीगेशन फर्मों के माध्यम से किसानों के खेतों पर ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेनगन सिंचाई पद्धति स्थापित कराई जाती है।
ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर पर लघु एवं सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य श्रेणी के किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान देय है। वहीं पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेनगन पर लघु एवं सीमांत किसानों को 75 प्रतिशत तथा सामान्य किसानों को 65 प्रतिशत अनुदान दिए जाने की जानकारी दी गई।
348 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जनपद को 348 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना अथवा उन्नयन का लक्ष्य प्राप्त होने की जानकारी दी गई। किसानों एवं उद्यमियों को बताया गया कि आलू चिप्स, नमकीन, आचार, मुरब्बा, सिरका, सोयाबीन आधारित उत्पाद, राइस मिल, आटा चक्की, गन्ना आधारित उत्पाद, दाल मिल, बेकरी, डेयरी एवं मशरूम आधारित उद्योग स्थापित कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।
योजना के तहत पात्र परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति उद्यम है।
किसानों की समस्याओं के समाधान और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति पर जोर
उप निदेशक उद्यान ने किसानों को आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषि उत्पादों के विपणन एवं निर्यात की संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से किसान अपने उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। साथ ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के संबंध में भी किसानों को जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभागीय योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित किसानों एवं लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर भी जोर दिया।
अंत में आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, कृषकों एवं लाभार्थियों का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।
