लखनऊ:आईएएस ऑफिसर आरती डोगरा: हौसले और जज़्बे की मिसाल

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 सितंबर 2025 भारत में जब भी प्रेरणादायक शख्सियतों की बात होती है, तो IAS ऑफिसर आरती डोगरा का नाम बड़ी इज्ज़त और गर्व के साथ लिया जाता है। 3.5 फीट की लंबाई वाली आरती डोगरा ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास के दम पर समाज को यह सिखाया है कि इंसान की काबिलियत उसकी शारीरिक बनावट से नहीं, बल्कि उसके हौसले और सोच से तय होती है।

बचपन के संघर्ष और आत्मविश्वास

बचपन में आरती को उनकी हाइट की वजह से कई बार ताने और मज़ाक का सामना करना पड़ा। स्कूल के दिनों में साथी बच्चे अक्सर उन्हें चिढ़ाते थे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत बने उनके माता-पिता और शिक्षक। उन्होंने कभी आरती की इस शारीरिक कमी को कमजोरी नहीं बनने दिया और हमेशा उनमें आत्मविश्वास जगाया।

UPSC सफर और सफलता

आरती डोगरा ने कठिन परिश्रम और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी बनीं। यह सफलता सिर्फ़ उनके करियर की नहीं थी, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए संदेश थी, जो किसी न किसी शारीरिक कमी की वजह से खुद को कमजोर समझते हैं।

कर्तव्यनिष्ठा और कार्यशैली

एक IAS अधिकारी के रूप में आरती डोगरा ने अपने कामकाज से भी सबका दिल जीता है। उनकी पहचान सिर्फ़ उनकी संघर्षमयी कहानी से नहीं है, बल्कि उनकी ईमानदारी, पारदर्शिता और जनता के लिए समर्पण से है। उन्होंने जहां भी काम किया, वहां विकास और बेहतर प्रशासन की नई मिसालें कायम कीं।

समाज के लिए प्रेरणा

आज आरती डोगरा लाखों-करोड़ों लोगों की प्रेरणा श्रोत बन चुकी हैं। जो लोग कभी उनका मज़ाक उड़ाते थे, उनके सामने ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि हौसले और मेहनत के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती।

इस कहानी से सीख

शारीरिक कमी कभी भी इंसान की क्षमता को परिभाषित नहीं करती। लोग क्या कहते हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि आप खुद अपने बारे में क्या सोचते हैं, यही आपकी पहचान तय करता है। आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत से कोई भी इंसान अपनी मंज़िल पा सकता है।

आरती डोगरा की कहानी एक जोरदार संदेश है कि कमजोर कोई नहीं होता, समय कमजोर होता है। लोग गिरते को गिराते हैं, लेकिन हौसला ही हमारी असली ताकत है। आपकी नज़र में आरती डोगरा की कहानी से सबसे बड़ी सीख क्या है? कमेंट में ज़रूर बताएं।