Friday, 30 October 2026 | 7:30 PM
उत्तर प्रदेश

जौनपुर : चार दशक पुराने मामले का सफल निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से सम्पन्न हुआ

सिविल जज सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर सुशील कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर में दिनांक 01 अगस्त 2026 से 30 दिसम्बर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 चल रहा है। उक्त अभियान को सफल बनाने हेतु माननीय जनपद न्यायाधीश श्री सुशील कुमार शशि द्वारा समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों को न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराये जाने हेतु दिशा-निर्देश दी गयी।
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जौनपुर : चार दशक पुराने मामले का सफल निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से सम्पन्न हुआ
जौनपुर : चार दशक पुराने मामले का सफल निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से सम्पन्न हुआ
जौनपुर :

       सिविल जज सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर सुशील कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर में दिनांक 01 अगस्त 2026 से 30 दिसम्बर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 चल रहा है। उक्त अभियान को सफल बनाने हेतु माननीय जनपद न्यायाधीश श्री सुशील कुमार शशि द्वारा समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों को न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराये जाने हेतु दिशा-निर्देश दी गयी।

         माननीय जनपद न्यायाधीश जी द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में न्यायालय अपर सिविल जज (जू.डि.) सप्तम, जौनपुर, की पीठासीन अधिकारी सुश्री दिव्या भारती के समक्ष विचाराधीन लगभग चार दशक पुराने मूलवाद संख्या O-S- 851/1986 शोभा आदि बनाम किशोर आदि व मूल वाद सं0 572/1990 किशोर बनाम शोभा आदि का आज मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ।

       उक्त मामला स्थायी निषेधाज्ञा से संबंधित था। न्यायालय द्वारा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना को देखते हुए पत्रावली को सुलह-समझौता केन्द्र, जौनपुर भेजा गया। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान मध्यस्थ श्री सै0 जरगाम अहसन द्वारा पक्षकारों के मध्य संवाद स्थापित करने व विवाद के मूलकारण तक पहुचने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थता केन्द्र, जौनपुर व मध्यस्थ श्री सै0 जरगाम अहसन के अथक प्रयासों के पश्चात पक्षकार आपसी मतभेद भुलाते हुए सौहादपूर्ण वातावरण में सहमति से विवाद का समाधान निकालने में सफल हुये। मध्यस्थता सफल होने के उपरान्त उक्त वाद का निस्तारण न्यायालय द्वारा आज दिनांक 30.09.2026 को किया गया।

         इस प्रकार मध्यस्थता ने यह फिर से साबित किया कि बातचीत के जरिये बड़े से बड़े व पूराने से पूराने वादों का निस्तारण सुलह-समझौता के माध्यम से सौहादपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। यदि किसी मामलें का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जाता है तो पक्षकरों के आपसी संबंध प्रेमपूर्ण व मधुर बने रहते है।