Friday, 30 October 2026 | 5:48 PM
उत्तर प्रदेश

हरिश्चंद्र वर्मा के मृत्युपरांत महिलाओं ने दिया अरथी को कंधा

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हरिश्चंद्र वर्मा के मृत्युपरांत महिलाओं ने दिया अरथी को कंधा
–अर्जक पद्धति से हुआ अंतिम संस्कार 
–नेशनल अवार्डी मृतक का हुआ नेत्रदान
वाराणसी,19 अक्टूबर।
वाराणसी जिले के जन्सा थानान्तर्गत ग्राम सभा रामरायपुर, गंगापुर निवासी तथा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित 70 वर्षीय माननीय हरिश्चन्द्र वर्मा  कल सुबह 10 बजे लम्बी बिमारी के कारण देहान्त हो गया।उनके भतिजों श्री शिर्षमान सिंह व डा० कीर्तीमान सिंह की सहमति पर नेत्रदान प्रस्तावक व अर्जक संघ के वरिष्ठ नेता चन्द्रबली पटेल की सूचना पर डा० अजय कुमार मौर्य के नेतृत्व में 'वाराणसी आई बैंक सोसाइटी' रामकटोरा वाराणसी की टीम उनके आवास पर पहुंचकर नेत्रदान का कार्य पूर्ण किया। 
डाक्टर मौर्या ने बताया कि कार्निया स्ट्रांग है। इससे चार व्यक्तियों को नेत्र ज्योति मिल सकती है।शव को तिरंगे में लपेटा गया तथा शववाहन पर बौद्ध धम्म का झंडा लगाया गया ।
घर की महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया और  गांव की सरहद तक ले गई। शवयात्रा में "जन्म-मृत्यु सत्य है" तथा "हरिश्चंद्र वर्मा अमर रहे" के नारे लगाए गये।
इस अवसर पर शवयात्रा में पूर्व विधायक रोहनियां मा० महेंद्र कुमार पटेल, ब्लॉक प्रमुख आराजी लाइन्स के प्रतिनिधि डा० महेंद्र सिंह पटेल, अर्जक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मा० राम जी वर्मा, अर्जक पुरोधा श्री देवनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष श्री जगत नारायण कश्यप और महामंत्री श्री पिंटू पटेल, डा० राजेन्द्र प्रसाद पटेल, डा० नन्दलाल , श्री दीपक आनन्द बोधि, श्री महेश पाल, शिक्षक श्री सुनील सिंह पटेल व श्री देवांग पटेल 'रिंकू' सहित सैकड़ो रिस्तेदार, सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रामवासी आदि बड़ी संख्या में शामिल थे
संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रामजी वर्मा ने बताया कि अर्जक संघ की पद्धति मानववादी और वैज्ञानिक सोच विकसित करने वाला है। महिलाओं को हिंदू धर्म के अनुसार शव यात्रा में शामिल होना मनाही है जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। अर्जक संघ महिला के उत्थान के लिए उत्थान के लिए प्रयासरत है।  महिला–पुरुष में बराबरी  लाना चाहता है।इसलिए मानववादी लोग अब अर्जक पद्धति को ही अपनाते हैं। शादी हो या श्राद्ध अर्जक पद्धति से करना ही श्रेयस्कर है