फर्रुखाबाद में बाढ़ का कहर: 36 गांवों के 27,267 लोग प्रभावित, 52 नावें और 10 मोटर बोट राहत-बचाव में जुटीं

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 अगस्त 2026 गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते जनपद में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। 7 अगस्त 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 136.80 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर फिलहाल बिलो गेज रहा। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

प्रशासन के अनुसार जनपद की तीन तहसीलों के कुल 36 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें तहसील सदर के 9, कायमगंज के 13 और अमृतपुर के 14 गांव शामिल हैं। गंगा के जलस्तर बढ़ने से इन गांवों की कुल 27,267 आबादी तथा 5,725 परिवार प्रभावित हुए हैं।

अमृतपुर तहसील में सबसे अधिक आबादी प्रभावित

बाढ़ से तहसील सदर में 4,015, कायमगंज में 4,487 और अमृतपुर तहसील में 18,765 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों में सदर तहसील के 461, कायमगंज के 1,203 तथा अमृतपुर के 4,061 परिवार शामिल हैं।

24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें मंडी समिति शमसाबाद, रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर के तीन बाढ़ शरणालयों का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में अब तक 423 लोग प्रवास कर चुके हैं, जिन्हें प्रशासन की ओर से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा निगरानी और राहत कार्यों के लिए 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित की जा रही हैं, जहां आवश्यक कार्मिकों की तैनाती की गई है।

52 नावें और 10 मोटर बोट तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए कुल 52 नावें और 10 मोटर बोट लगाई गई हैं। तहसील सदर के 9 गांवों में 18 नावें व 2 मोटर बोट, कायमगंज के 13 गांवों में 17 नावें व 4 मोटर बोट तथा अमृतपुर के 14 गांवों में 16 नावें व 4 मोटर बोट तैनात हैं।

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एक एनडीआरएफ टीम और एक कंपनी फ्लड पीएसी मोटर बोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा जनपद में 53 स्वयंसेवी गोताखोर उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।

84 मेडिकल कैंप, 3297 लोगों का उपचार

बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। अब तक 84 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 3,297 लोगों का उपचार किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को 1,457 ओआरएस पैकेट और 3,745 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। प्रशासन के अनुसार जरूरत के अनुसार मेडिकल कैंप लगातार लगाए जा रहे हैं। जनपद में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी भी उपलब्ध है।

पशुओं के लिए 31 शिविर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए 31 पशु शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 1,120 पशुओं का उपचार और 5,979 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुओं के लिए चारे और भूसे की उपलब्धता भी आवश्यकता के अनुसार सुनिश्चित कराई जा रही है।

2,598 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य भी जारी है। अब तक 2,598 प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, आवागमन और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से राहत पहुंचाने, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा स्वास्थ्य एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

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