फर्रुखाबाद:आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में आलू-मक्का आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर जोर

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 अगस्त 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आत्मा (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण) गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, मत्स्य विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

बैठक के दौरान आत्मा योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में संचालित विभिन्न कृषि विकास कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मक्का किसानों को कंपनियों से जोड़ने के निर्देश

किसानों की उपज के विपणन की समस्याओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने मक्का उत्पादक किसानों को उचित मूल्य दिलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मक्का उत्पादक किसानों का विभिन्न कंपनियों के साथ टाई-अप कराने के प्रयास किए जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

उन्होंने मक्का आधारित एनिमल फीड उत्पादन इकाई स्थापित कराने की दिशा में भी विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय स्तर पर मक्का की खपत बढ़ने के साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है।

आलू प्रोसेसिंग प्लांट लगाने पर जोर

बैठक में आलू आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने आलू प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कराने के प्रयास करने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से किसानों को आलू की उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने सुझाव दिया कि किसानों और कंपनियों के बीच सीधा समन्वय स्थापित करने के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित की जाए। इससे किसानों को बाजार की मांग और कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त प्रजातियों की खेती करने में मदद मिलेगी।

एफपीओ के माध्यम से किसानों को संगठित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से संगठित किया जाए, जिससे उनके उत्पादों के सामूहिक विपणन की व्यवस्था मजबूत हो और उन्हें उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने तथा संतुलित मात्रा में खादों का उपयोग करने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए।

इसके साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अन्य लाभकारी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

प्रमाणित बीज खरीदने की किसानों को सलाह

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान द्वारा फ्रंटलाइन डिमॉन्स्ट्रेशन के तहत आलू की खेती का प्रदर्शन कराया जा रहा है। इच्छुक किसान उद्यान विभाग से संपर्क कर इसका लाभ उठा सकते हैं। बैठक में आलू भंडारण के लिए किसानों को नियमानुसार उपलब्ध सब्सिडी की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि यदि वे प्रसंस्करण के लिए आलू की खेती कर रहे हैं तो केवल प्रामाणिक एवं जिम्मेदार कंपनियों से प्रमाणित बीज ही खरीदें। बीज की गुणवत्ता एवं पहचान सुनिश्चित करने के लिए बीज के साथ मिलने वाले टैग को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई।

बैठक में अधिकारियों ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को अधिक लाभकारी बनाने, किसानों को बाजार से जोड़ने और कृषि आधारित प्रसंस्करण एवं उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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