फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 जुलाई 2026 जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री सोनम वांगचुक के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और युवाओं की मांगों के समर्थन में सोमवार को फर्रुखाबाद में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व इंजीनियर नीरज प्रताप शाक्य ने किया।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समाजसेवी, अधिवक्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता धरना स्थल पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान “संविधान जिंदाबाद”, “लोकतंत्र जिंदाबाद” और “युवाओं के अधिकारों की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।
नीरज प्रताप शाक्य ने उठाए युवाओं के मुद्दे
ज्ञापन सौंपने के बाद इंजीनियर नीरज प्रताप शाक्य ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य पेपर लीक और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के कारण संकट में है। उन्होंने कहा कि श्री सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर 21 दिनों तक अनशन कर छात्रों की आवाज उठाई और NEET पेपर लीक मामले में न्याय तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे अनशन के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई सार्थक संवाद नहीं किया गया और 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई को बताया लोकतंत्र के लिए चिंताजनक
ज्ञापन में कहा गया कि 18 जुलाई को भारी पुलिस बल ने जंतर-मंतर क्षेत्र को घेर लिया और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया। आरोप है कि कमजोर स्वास्थ्य स्थिति में मौजूद सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाया गया तथा कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रस्तावित “संसद मार्च” को रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सरकार से की गईं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं—
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए।
जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी जताई चिंता
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों द्वारा शिक्षा संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर पूछे गए सवाल के जवाब में आयोजकों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं और शिक्षा बचाने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
ये लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में एडवोकेट प्रताप सिंह यादव, सोनू कुशवाह, अंकित शाक्य, जगतपाल सिंह यादव, देवेंद्र यादव, कंचन यादव, अचल प्रताप सिंह, अंकुश सिंह, वैभव प्रताप, प्रशांत शाक्य, अजय सिंह, शिवम शाक्य, तथागत सिद्धांत कमेटी के जिला अध्यक्ष शिवकुमार शाक्य, आर.एस. शाक्य, रिजवान मंसूरी, इरशाद अली, हेल्पिंग पीपल एनजीओ के प्रतिनिधि तथा बंगस वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष नवाब काजिम हुसैन खान सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
