फर्रुखाबाद (द दस्तक 24) : जनपद के निजी शीतगृह स्वामियों एवं प्रबंधकों के लिए वर्ष 2027 के लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी फर्रुखाबाद राघवेंद्र सिंह ने सभी संबंधित शीतगृह संचालकों से निर्धारित समयसीमा के भीतर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी के अनुसार वर्ष 2027 के लिए शीतगृह लाइसेंस का नवीनीकरण कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। शीतगृह स्वामी निर्धारित वेबसाइट www.janhit.uphorticulture.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में सभी आवश्यक सूचनाएं स्पष्ट एवं सही रूप से दर्ज करनी होंगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद निर्धारित अभिलेखों की हार्डकॉपी जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, फर्रुखाबाद में उपलब्ध करानी होगी।
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन अथवा कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद विलंब शुल्क के साथ 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क जमा करने की व्यवस्था रहेगी।
नवीनीकरण के लिए जरूरी होंगे ये अभिलेख
शीतगृह लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन के साथ कई महत्वपूर्ण तकनीकी एवं प्रशासनिक अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इनमें भवन की सुदृढ़ता प्रमाणित करने के लिए सक्षम संस्था में पंजीकृत सिविल अभियंता की निरीक्षण रिपोर्ट, मशीनरी की सुदृढ़ता एवं कार्यशीलता तथा शीतगृह की अविरत संचालन क्षमता से संबंधित सक्षम अभियंता की रिपोर्ट शामिल है।
इसके अलावा बीमा पॉलिसी की सत्यापित प्रति, स्वीकृत विद्युत लोड का प्रमाण, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए जनरेटर की उपलब्धता का प्रमाण, अग्निशमन सुविधाओं की उपलब्धता संबंधी प्रमाण-पत्र, आवश्यक मरम्मत का प्रमाण-पत्र, अंतिम विद्युत बिल एवं भुगतान रसीद तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण-पत्र की सत्यापित छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।
किसानों के हित में पावती रसीद पर दर्ज करनी होगी भंडारण अवधि
आलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए शीतगृहों द्वारा आलू भंडारण के समय जारी की जाने वाली पावती रसीद पर भंडारण की अवधि 15 फरवरी से 30 नवंबर तक अंकित करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही किसान अधिकार पत्र पर जनपद के जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी का सी.यू.जी. नंबर तथा जिला उद्यान अधिकारी का सी.यू.जी. मोबाइल नंबर अंकित किया जाना भी सुनिश्चित करना होगा। इससे किसानों को शीतगृह से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं अधिकारियों से संपर्क करने में सुविधा मिल सकेगी।
31 दिसंबर के बाद आवेदन पर नहीं होगा विचार
आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी ने निजी शीतगृह स्वामियों एवं प्रबंधकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक अभिलेख तैयार कर ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया समय से पूरी कर लें।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 31 दिसंबर 2026 के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा के बाद संबंधित शीतगृह का लाइसेंस स्वतः निरस्त समझा जाएगा। इसलिए शीतगृह संचालकों से समय रहते नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।