फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 सितम्बर 2026 जनपद में आलू किसानों को लगातार दो वर्षों से उचित मूल्य न मिलने और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को जनपद में किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया गया। सातनपुर आलू मंडी में सभा के बाद किसानों, व्यापारियों, आढ़तियों, आलू निर्यातकों, शीतगृह स्वामियों और उद्यमियों ने कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
किसान नेताओं ने कहा कि आलू का लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिलने से किसान लगातार आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। कर्ज बढ़ने के कारण किसानों के घरेलू और कृषि संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि आलू के अधिक उत्पादन के बावजूद उचित बाजार मूल्य न मिलना किसानों के लिए गंभीर संकट बन गया है। इसका असर आलू आधारित व्यापार और उद्योग पर भी पड़ रहा है।
सरकारी खरीद पर उठाए सवाल
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन के बाद सरकार ने 22 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद 605 रुपये 9 पैसे प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया था। इसके लिए फर्रुखाबाद मंडी सहित प्रदेश में 35 क्रय केंद्र खोले गए, लेकिन आंदोलनकारियों के अनुसार इन केंद्रों पर किसानों का एक किलो आलू भी नहीं खरीदा गया। किसानों ने इसे सरकारी योजनाओं के प्रति उनके विश्वास को प्रभावित करने वाला कदम बताया।
आलू नीति बनाने की मांग
आंदोलनकारियों ने आलू किसानों की बार-बार होने वाली बर्बादी रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से आलू नीति बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नीति में किसानों को हर परिस्थिति में उनकी लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम मूल्य मिलने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
किसान आंदोलन ने सरकार के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखीं—
शीतगृहों में भंडारित आलू का सम्पूर्ण भंडारण शुल्क सरकार द्वारा जमा कराया जाए।
अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में आलू पर लगने वाला मंडी टैक्स तत्काल समाप्त किया जाए।
हाइब्रिड आलू का न्यूनतम मूल्य 1000 रुपये प्रति क्विंटल तथा विप्सोना/हॉलैंड (प्रोसेसिंग क्वालिटी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। इससे कम भाव मिलने पर भावांतर योजना के माध्यम से अंतर की राशि किसानों को दी जाए।
घरेलू मंडियों में आलू की मांग और कीमत बढ़ाने के लिए मौजूदा संकट के दौरान रेल से आलू परिवहन का भाड़ा माफ किया जाए।
आलू को निर्यात प्रतिबंधों से मुक्त कर विभिन्न देशों में निर्यात बढ़ाया जाए तथा निर्यातकों को परिवहन में मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।
आलू किसानों के सम्पूर्ण कर्ज माफ कर उन्हें कर्जमुक्त किया जाए।
आलू का उपयोग राशन की दुकानों, गौशालाओं और अन्य सरकारी योजनाओं में कराया जाए, ताकि किसानों को बाजार उपलब्ध हो सके।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यापक जनहित और किसानों के गंभीर आर्थिक संकट को देखते हुए उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाए और आलू किसानों को राहत प्रदान की जाए।
प्रदर्शन में किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के अलावा अशोक कटियार, अरविंद राजपूत, सुधीर शुक्ला, हर्ष गंगवार, मनोज रस्तोगी, रामलड़ैते राजपूत, सर्वेश अग्रवाल, प्रवीन कटियार सहित सैकड़ों किसान और आलू कारोबार से जुड़े लोग मौजूद रहे।
