फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) शहर के मोहल्ला कटरा बु अली खां (नाला मछरट्टा) में मकान के दक्षिण दिशा में स्थित करीब आठ फुट के रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित का कहना है कि उसके मकान के बैनामे में दक्षिण दिशा में आठ फुट का रास्ता दर्ज है। इसी रास्ते की ओर दीवार में गेट लगाने का प्रयास करने पर कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया।
पीड़ित के अनुसार, विरोध करने वाले लोगों की ओर से उक्त स्थान को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया गया, जबकि उनका दावा है कि संबंधित भूमि वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं है। पीड़ित का कहना है कि इस दावे के समर्थन में अब तक कोई संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किया गया है।
मामले को लेकर पीड़ित ने नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत की। बताया गया कि नगर मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने भूमि संबंधी दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पीड़ित का कहना है कि उसने अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए, जबकि विपक्षी पक्ष निर्धारित समय पर अपने अभिलेख लेकर उपस्थित नहीं हुआ।
इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के लिए कुछ समय मांगा गया। पीड़ित का कहना है कि निर्णय में देरी के कारण उसके मकान की दीवार में गेट नहीं लग पा रहा है और संबंधित हिस्सा खुला पड़ा हुआ है।
पीड़ित के मुताबिक, खुले हिस्से के कारण बंदरों के मकान में प्रवेश करने की आशंका बनी हुई है। इससे घरेलू सामान के नुकसान के साथ ही किसी अप्रिय घटना की चिंता भी परिवार को सता रही है। पीड़ित का यह भी कहना है कि इसी गली में अन्य मकानों के दरवाजे लगे हुए हैं, लेकिन उसके गेट लगाने पर आपत्ति की जा रही है।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि बैनामे, राजस्व अभिलेखों तथा संबंधित भूमि की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि विवादित रास्ता वास्तव में किसके स्वामित्व अथवा अधिकार क्षेत्र में आता है और उसे वक्फ संपत्ति बताए जाने के दावे के समर्थन में कोई वैध अभिलेख है या नहीं।
पीड़ित ने जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने तथा उसके मकान की सुरक्षा और रास्ते से संबंधित अधिकारों के संबंध में स्पष्ट निर्णय किए जाने की मांग की है।
नोट: वक्फ संपत्ति होने अथवा न होने का अंतिम निर्धारण संबंधित राजस्व/कानूनी अभिलेखों और सक्षम प्राधिकारी की जांच के आधार पर ही किया जाना उचित होगा।