Friday, 30 October 2026 | 7:30 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को मांग के अनुसार मिलेगा उर्वरक: जिला कृषि अधिकारी

फर्रुखाबाद में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने साधन सहकारी समितियों का निरीक्षण किया। विभाग ने बताया कि जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटास और एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
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फर्रुखाबाद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को मांग के अनुसार मिलेगा उर्वरक: जिला कृषि अधिकारी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) 16 अक्टूबर 2026 जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर के निर्देश एवं मुख्य विकास अधिकारी फर्रुखाबाद के आदेश के क्रम में शुक्रवार, को विकासखंड कमालगंज की साधन सहकारी समिति कमालगंज, रजीपुर एवं खुदागंज का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समितियों पर उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया।

साधन सहकारी समिति कमालगंज एवं खुदागंज में डीएपी, एनपीके एवं पोटास उपलब्ध पाया गया, जबकि रजीपुर समिति पर डीएपी एवं एनपीके का वितरण किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि समितियों पर प्रतिदिन उर्वरक का वितरण किया जा रहा है। यदि किसी समिति के सचिव को दूसरी समिति पर वितरण के लिए जाना पड़ता है, तो संबंधित समिति पर अन्य कर्मचारियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।

निरीक्षण के दौरान मौजूद किसानों ने एनपीके की खरीद की इच्छा जताई। किसानों को आश्वस्त किया गया कि जनपद में एनपीके का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी क्षेत्र में इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी।

कृषि विभाग के अनुसार जनपद को शुक्रवार को 2500 मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ है। इसमें 1500 मीट्रिक टन यानी 30 हजार बोरी समितियों के लिए तथा 1000 मीट्रिक टन यानी 20 हजार बोरी निजी बिक्री केंद्रों के लिए रैक प्वाइंट फर्रुखाबाद पर प्राप्त हुई है। रैक प्वाइंट से सहकारी समितियों एवं निजी बिक्री केंद्रों को सीधे आपूर्ति की जा रही है।

विभाग के अनुसार साधन सहकारी समिति कम्पिल, पुरौरी, पपड़ी खुर्द शमशाबाद, हरकमपुर, सकवाई, ज्योता, अलीगढ़, जहानगंज, जैनापुर, बरौन, चुनूपुर गढ़िया, पिथनापुर, कुबेरपुर कुतलूपुर एवं बरुआ के लिए डीएपी वाहनों के माध्यम से भेजी जा चुकी है। शेष मात्रा की लोडिंग की प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा मेसर्स पीपीएल कंपनी की डीएपी रैक भी शुक्रवार रात तक आने की संभावना है। इससे 1000 मीट्रिक टन (20 हजार बोरी) डीएपी सहकारिता क्षेत्र तथा 700 मीट्रिक टन (14 हजार बोरी) निजी क्षेत्र के लिए उपलब्ध होगी।

कृषि विभाग के मुताबिक वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र में यूरिया 26131 मीट्रिक टन, डीएपी 10351 मीट्रिक टन, पोटास 8251 मीट्रिक टन, एनपीके 19636 मीट्रिक टन तथा सिंगल सुपर फास्फेट 15320 मीट्रिक टन उपलब्ध है। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी मांग तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। उर्वरकों की नियमित आवक भी जारी है।

जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि दुकानों पर रेट बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। इनमें उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक और निर्धारित मूल्य का नियमित अंकन किया जाए। साथ ही स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर का नियमित रखरखाव करने तथा किसानों को उर्वरक खरीद की रसीद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसी विक्रेता द्वारा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाता है या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री की जाती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कृषक भाइयों से अपील की गई है कि उर्वरक खरीदते समय अपना आधार कार्ड, खतौनी एवं फार्मर आईडी साथ लेकर बिक्री केंद्र पर जाएं। यदि किसी कारण से फार्मर आईडी नहीं बनी है तो खतौनी के आधार पर भी उर्वरक प्राप्त किया जा सकता है।

उर्वरक से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम नंबर 05692-297733 पर किसी भी कार्य दिवस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

कृषकों से यह भी अपील की गई है कि डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) एवं टीएसपी का भी प्रयोग करें। सिंगल सुपर फास्फेट में फास्फोरस के साथ कैल्शियम एवं सल्फर भी पाया जाता है, जो फसल की आवश्यकता के साथ-साथ मृदा के लिए भी महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं।

शैलेन्द्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, फर्रुखाबाद ने किसानों से उपलब्ध उर्वरकों का संतुलित एवं निर्धारित मात्रा में उपयोग करने की अपील की है।