फर्रुखाबाद: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम सख्त, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड पर दिया विशेष जोर

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 31 जुलाई 2026 कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।

डीएम ने नियमित टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए पात्र सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, समय पर उपचार और संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद और विकासखंड स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित कराने पर भी जोर दिया।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने, संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति तथा साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं की आभा आईडी तैयार कराने तथा संतोषजनक कार्य न करने वाली आशाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

डॉ. अंकुर लाठर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। साथ ही निजी अस्पतालों द्वारा गर्भवती महिलाओं के प्रसव संबंधी आंकड़े उपलब्ध न कराने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।