बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को होने वाले मार्च को लेकर सोमवार (17 अगस्त, 2026) को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे “खुला मार्च” बताते हुए छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और राज्य धीरे-धीरे पेपर लीक का केंद्र बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि 10वीं, 12वीं, सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियां हुई हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि 19 अगस्त का मार्च किसी एक व्यक्ति या पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि युवाओं की आवाज उठाने का मंच है. उन्होंने छात्रों, नौजवानों और बेरोजगारों से अपील की कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करें. उन्होंने कहा कि बिहार में जब भी कोई बहाली निकलती है तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो जाते हैं. युवाओं को रोजगार की उम्मीद होती है, लेकिन पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी से उनका भरोसा टूट रहा है.
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ घोटाले करेगी और घोटालेबाजों को बचाने का काम करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई बड़े घोटाले हुए हैं, लेकिन किसी बड़े अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि अगर छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती तो बड़े लोगों तक पहुंचने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. तेजस्वी ने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी.
तेजस्वी यादव ने बिहार में हुई AK-47 फायरिंग की घटना का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने स्पष्ट नहीं किया कि यह घटना किसके कहने पर हुई. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल हैं और सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.
