फर्रुखाबाद:महिला पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में 7 सितंबर को राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 सितम्बर 2026 दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना को लेकर पत्रकारों में रोष व्याप्त है। घटना के विरोध में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पत्रकार वार्ता एवं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पत्रकारों ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।

बैठक की अगुवाई राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 7 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के पदाधिकारियों एवं पत्रकार साथियों का प्रतिनिधिमंडल एकजुट होकर जिलाधिकारी महोदया के समक्ष उपस्थित होगा। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदया के माध्यम से सौंपा जाएगा।

ज्ञापन में दिल्ली की घटना का गंभीरता से संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई तथा पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। साथ ही पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों एवं स्वतंत्र पत्रकारिता के वातावरण को सुरक्षित बनाए रखने की मांग भी रखी जाएगी।

बैठक में पत्रकार अनुराग दुबे, आर्यन बाजपेई, मनीष श्रीवास्तव, रवि चौहान, गौरव शुक्ला, राहुल कठेरिया, सुमित जोशी, मनीष यादव, धर्मवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुमारी किरण, श्याम सिंह यादव, रैना कुशवाहा, कमलकांत (के.के.), अमित गुप्ता, बलवीर कुशवाहा एवं अतुल जैन सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज की आवाज शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का कथित दुर्व्यवहार गंभीर विषय है। महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि पत्रकारों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर प्रभावी रोक लग सके।

बैठक के अंत में पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकार से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। 7 सितंबर को प्रस्तावित ज्ञापन केवल विरोध दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के संरक्षण के लिए शासन का ध्यान गंभीरता से आकर्षित कराने का शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास होगा।

पत्रकारों ने संकल्प लिया कि 7 सितंबर को एकजुट होकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से ज्ञापन सौंपा जाएगा और पत्रकार हितों की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी। आयोजकों ने जिले के सभी पत्रकार बंधुओं से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर इस लोकतांत्रिक पहल को अपना समर्थन देने की अपील की।

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