25 अगस्त को ही शोषित दल की स्थापना हुई थी
उपेन्द्र पथिक की रिपोर्ट
पटना, द दस्तक 24 ।
बीएसएनल बिहार के अवकाश प्राप्त सहायक महाप्रबंधक और शोषित समाज दल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामानुज सिंह गौतम ने कहा है कि 25 अगस्त शोषित समाज दल के लिए अहम तिथि है।
उन्होंने कहा कि बिहार में गैर कांग्रेसी सरकार 1967 में महामाया प्रसाद सिन्हा के नेतृत्व में बनी थी जिसमें सोशलिस्ट पार्टी शामिल था।पर मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्ग को सोशलिस्ट पार्टी के सिद्धांत के मुताबिक शामिल नहीं किया गया।पार्टी नेतृत्व से विधायक जगदेव प्रसाद ने इसकी शिकायत भी की पर ज्यादा लाभ नहीं हुआ । उसके बाद उन्होंने 25 अगस्त 1967 को पटना के अंजुमन इस्लामिया हाल में “शोषित दल ” की स्थापना की थी। इसके बाद 1 फरवरी 1968 महामाया प्रसाद सिन्हा की सरकार को गिराकर शोषित दल की सरकार बनी जिसमें 3 दिनों के लिए सतीश प्रसाद सिंह और तब बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल मुख्यमंत्री बने। इस सरकार में जगदेव प्रसाद उप मुख्यमंत्री बनाए गए।
बिहार में पहली बार पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री बने थे। इसके पूरा श्रेय जगदेव प्रसाद जी को जाता है।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल मुख्यमंत्री से हटने के बाद कांग्रेस में चले गए। उन्हें मंडल आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। पर कांग्रेस ने मंडल आयोग को लागू नहीं किया। वीपी सिंह जब प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने मंडल आयोग की कुछ सिफारिश को लागू किया ।जिसके तहत पिछड़े वर्ग को सरकारी नौकरी में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू हुआ। वीपी मंडल जी का जन्म दिन भी 25 अगस्त ही है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राम स्वरूप वर्मा जी के समाज दल से शोषित दल मिलाकर 7 अगस्त 1972 को शोषित समाज दल बन गया।
शोषित समाज दल के लिए 25 अगस्त अहम– रामानुज सिंह गौतम
