लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP), लखीमपुर खीरी के तत्वावधान में जे.पी. इंटर कॉलेज, मोहम्मदी में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन की महत्वपूर्ण बातें कार्यशाला में साझा की। मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट स्तुति कक्कड़, साइकाइट्रिक सोशल वर्कर अतुल कुमार पाण्डेय तथा साइकाइट्रिक नर्स विवेक मित्तल ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं इसके बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक परेशानी को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते किसी भरोसेमंद व्यक्ति से खुलकर बातचीत करना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना बेहद जरूरी है। परीक्षा का दबाव, पारिवारिक समस्याएं और रिश्तों से जुड़ी उलझनें मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, जिनसे सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या अपनाकर निपटा जा सकता है। चेतावनी संकेतों को पहचानें और दें भावनात्मक सहयोग विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आत्महत्या के संभावित चेतावनी संकेतों से भी अवगत कराया। यदि कोई व्यक्ति लगातार उदास रहे, लोगों से दूरी बनाए, खुद को बोझ समझे या नकारात्मक बातें करे, तो उसे अकेला न छोड़ें, बल्कि उसकी बात सुनें और समय पर पेशेवर मदद से जोड़ें। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।”बात करें, सुनें और समय पर सहायता लें”कार्यशाला के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की मदद करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा—“बात करें, सुनें और समय पर सहायता लें—एक बातचीत किसी की जिंदगी बचा सकती है।”
लखीमपुर खीरी : मानसिक परेशानी को नजरअंदाज न करें, खुलकर करें बातचीत
