फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अगस्त 2026 जनपद में गंगा एवं रामगंगा नदियों के बढ़े जलस्तर के चलते बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार, 23 अगस्त 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 137.05 मीटर तथा रामगंगा नदी का जलस्तर 135.75 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है और खतरे के निशान 137.10 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया है। बाढ़ के कारण जिले में आंशिक आबादी एवं कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
66 गांवों में बाढ़ का असर
बाढ़ से जनपद की तीनों तहसीलों के कुल 66 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें तहसील सदर के 12, कायमगंज के 21 और अमृतपुर के 33 गांव शामिल हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में सदर तहसील के कटरी धरमपुर, कटरी भीमपुर, कटरी शिकारपुर, कायमगंज तहसील के समाचीपुर चितार, कमथरी, सैदपुर पिस्तौर तथा अमृतपुर तहसील के करनपुर, कोड़ी सारंगपुर, आसमपुर, चाचूपुर आदि गांव शामिल हैं।
बाढ़ से कुल 53,276 लोग और 14,780 परिवार प्रभावित हुए हैं। तहसील सदर में 16,915, कायमगंज में 12,700 तथा अमृतपुर में 23,661 लोगों पर बाढ़ का प्रभाव पड़ा है।
24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें मंडी समिति शमसाबाद, मंडी समिति कायमगंज, सहकारी समिति मंडी अर्रापहाड़पुर और रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज सहित चार शरणालयों का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में वर्तमान में 640 लोग रह रहे हैं, जिन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया है।
इसके अलावा बाढ़ की निगरानी एवं राहत कार्यों के लिए 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं, जहां कार्मिकों की तैनाती की गई है।
75 नाव और 18 मोटर बोट तैनात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन, खोज एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर संसाधन लगाए हैं। सदर तहसील में 19 नाव एवं 5 मोटर बोट, कायमगंज में 20 नाव एवं 6 मोटर बोट तथा अमृतपुर में 36 नाव एवं 7 मोटर बोट तैनात की गई हैं।
इस प्रकार जनपद में कुल 75 नाव और 18 मोटर बोट बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक एनडीआरएफ टीम और एक कंपनी फ्लड पीएसी मोटरबोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अतिरिक्त 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।
292 मेडिकल कैंपों में 16,762 लोगों का उपचार
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। अब तक 292 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें 16,762 लोगों का उपचार किया गया है।
प्रभावित लोगों को 14,940 ओआरएस पैकेट और 20,790 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यकता के अनुसार लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। जनपद में एंटी स्नेक वेनम एवं एआरवी की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
पशु शिविरों में 5,776 पशुओं का उपचार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी राहत एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुल 92 पशु शिविर लगाए गए हैं। इनमें अब तक 5,776 पशुओं का उपचार और 12,676 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
पशु राहत शिविरों में रह रहे पशुओं के लिए अब तक 298.74 क्विंटल भूसे का वितरण किया जा चुका है।
12,914 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है। अब तक 12,914 प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं बाढ़ से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों वाले 40 परिवारों को 1.20 लाख रुपये प्रति परिवार की दर से सहायता राशि वितरित की गई है। इन प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन/पट्टा भी किया गया है।
बाढ़ शरणालयों में बच्चों की पढ़ाई जारी
प्रशासन द्वारा बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शरणालयों में बच्चों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, खाद्यान्न वितरण तथा आवागमन की व्यवस्थाएं जारी रखी गई हैं।
