मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगजनों की प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
मुख्य चिकित्साधिकारी दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से सम्बंधित लम्बित प्रकरणों का शीघ्रता से करायें निस्तारण
18 वर्ष से ऊपर आयु के दिव्यांगों को स्थायी प्रमाणपत्र निर्गत करने के दिए निर्देश
दिव्यांगो से मिलने एवं उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को समय निर्धारित करने के दिए निर्देश
राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन द्वारा पात्र दिव्यांगजनों को 25 श्रवण यंत्र, 10 एम०आर० किट, 03 व्हीलचेयर तथा 01 स्मार्ट केन का किया गया वितरण
25 दिव्यांगजन को दिव्यांग प्रमाण-पत्र/यू0डी0आई0डी0 कार्ड एवं 05 दिव्यांगजन को अन्त्योदय राशन कार्ड किए गए निर्गत
प्रयागराज 15 जुलाई, 2026।
राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश प्रो0 हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में बुधवार को सर्किट हाउस के सभागार में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की मूल भावना के अनुरूप सुदूरवर्ती एवं पिछड़े क्षेत्रों/ग्रामीण इलाकों के दिव्यांगजनों, जो सरकार द्वारा उनके अधिकारों एवं सुविधाओं हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं से पूर्णतः जागरूक नहीं हैं, के मध्य जागरूकता बढ़ाने, समाज में उनके साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने, उन्हें समान अवसर एवं पूर्ण एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कराने तथा उनकी शिकायतों एवं समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित निस्तारण कराने के उद्देश्य से जनपद प्रयागराज में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया।
मोबाइल कोर्ट के दौरान दिव्यांग प्रमाण-पत्र (यू०डी०आई०डी०), राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कुल 131 शिकायतें/प्रार्थना-पत्रों पर सुनवाई हुई। राज्य आयुक्त के द्वारा मोबाइल कोर्ट में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन के द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से सम्बंधित लम्बित प्रकरणों के शीघ्रता से निस्तारण करने के लिए मेडिकल बोर्ड की प्रत्येक सप्ताह 03 दिन बैठक कराकर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने 03 वर्ष से अधिक का समय पूर्ण कर चुके सदस्यों को मेडिकल बोर्ड से हटाते हुए 07-08 विशेषज्ञ चिकित्सकों को सम्मिलित कर दिव्यांग प्रमाण-पत्र निर्गत करने हेतु मेडिकल बोर्ड को पुनर्गठित किए जाने के लिए कहा। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन ने भारत सरकार के 12 मार्च, 2024 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 18 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांगजन का अस्थायी दिव्यांग प्रमाण-पत्र निर्गत ना किया जाए एवं सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों से प्रस्ताव प्राप्त कर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर नियमानुसार विचार करते हुए बेरा-बेरा परीक्षण की सुविधा सुनिश्चित किया जाए, जिससे श्रवणबाधित दिव्यांगजन को दिव्यांग प्रमाण-पत्र निर्गत करने में किसी प्रकार की असुविधा ना हो। उन्होंने दिव्यांगजन से सम्बन्धित प्रकरण की सुनवाई के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को जनसुनवाई हेतु पृथक से समय-सारिणी निर्गत कर जनसुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में विभिन्न क्षेत्र जैसे- खेल, साहित्य, संस्कृति, समाज-सेवा आदि में दिव्यांग ऑइकन नियुक्त कर दिव्यांगजन के सर्वांगीण विकास हेतु प्रोत्साहित किए जाने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग का कार्यालय ऊपरी तल पर हो तो यथा सम्भव भूतल पर कक्ष आवंटित कराते हुए दिव्यांगजनों की समस्याओं की सुनवाई की जाये तथा उनका निस्तारण किया जाये, जिससे दिव्यांगजनों को कोई असुविधा न हो।
मोबाइल कोर्ट के दौरान राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश महोदय द्वारा पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर 25 श्रवण यंत्र, 10 एम०आर० किट, 03 व्हीलचेयर तथा 01 स्मार्ट केन का वितरण किया गया। राज्य आयुक्त महोदय ने कहा कि ऐसे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा शासन दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
मोबाइल कोर्ट के दौरान मौके पर ही 25 दिव्यांगजन को दिव्यांग प्रमाण-पत्र/यू0डी0आई0डी0 कार्ड एवं 05 दिव्यांगजन को अन्त्योदय राशन कार्ड निर्गत किए गए। दिव्यांगजनों के आवास उपलब्ध कराए जाने हेतु परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग, प्रयागराज को निर्देशित किया गया कि पात्र दिव्यांगजनों के आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कराकर प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
मोबाइल कोर्ट में उपस्थित दिव्यांगजन द्वारा अपनी-अपनी समस्याओं से राज्य आयुक्त महोदय को अवगत कराया। राज्य आयुक्त महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय, उप निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, प्रयागराज मण्डल, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता (विद्युत), अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, लीड बैंक के अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, मण्डल रेल प्रबन्धक, प्रयागराज एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
द दस्तक 24
प्रभारी पत्रकार तहसील कोरांव प्रयागराज उमाशंकर कुशवाहा 7571974858

