लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 जून 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में गरीब कैंसर मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी दवाओं के कथित दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती दर पर दी जाने वाली कैंसर की दवाओं को अवैध रूप से बाजार में बेचकर दो करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई।
मामले के उजागर होते ही KGMU प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार कैंसर रोगियों के उपचार के लिए सरकारी योजनाओं एवं अस्पताल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी दवाओं के वितरण में लंबे समय से गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही थी। जांच के दौरान दवा स्टॉक और वितरण अभिलेखों में भारी अंतर पाए जाने के बाद मामला सामने आया।
सूत्रों के मुताबिक दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। आरोप है कि मरीजों के नाम पर जारी की गई दवाओं को अस्पताल से बाहर निकालकर बाजार में बेचा गया, जिससे सरकारी संसाधनों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और जरूरतमंद मरीजों के उपचार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
KGMU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्तीय और प्रशासनिक अभिलेखों की भी जांच की जा रही है।
यह प्रकरण स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गरीब और गंभीर बीमारी से जूझ रहे कैंसर मरीजों के नाम पर होने वाली ऐसी कथित अनियमितताएं न केवल सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं, बल्कि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ भी बड़ा खिलवाड़ हैं।
फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
