फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 मई 2026 जनपद के थाना कादरीगेट क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पांचालघाट पर सोमवार को एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। फिरोजाबाद जनपद के नगला हरि निवासी 21 वर्षीय नितिन पुत्र ओमकार अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पांचालघाट आया था, लेकिन यह यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हुई।
बताया गया कि स्नान के दौरान नितिन अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके दोस्तों ने शोर मचाया और घाट पर मौजूद नाविकों व गोताखोरों से मदद की गुहार लगाई। लेकिन मृतक के साथ आए युवकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक को बचाने से पहले पैसों की मांग की गई।
मृतक के दोस्त शनि राजपूत के अनुसार, गोताखोरों ने नितिन को बाहर निकालने के बदले पहले 15 हजार रुपये मांगे। दोस्तों ने हाथ जोड़कर गुहार लगाई और कहा कि पहले युवक की जान बचा ली जाए, पैसे बाद में दे देंगे। आरोप है कि काफी देर तक इसी बात को लेकर बहस होती रही। यहां तक कि शनि ने अपना मोबाइल तक गिरवी रखने की बात कही।
युवकों का आरोप है कि आखिरकार 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जिसके बाद गोताखोर युवक को बाहर निकालने के लिए पानी में उतरे। परिजनों के पास मौजूद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट अब पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि एक तरफ गंगा में युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा था, वहीं दूसरी तरफ किनारे पर पैसों को लेकर बातचीत होती रही। काफी देर बाद नितिन को बाहर निकाला गया और तत्काल 108 एम्बुलेंस से डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नितिन अपने गांव के शनि, सत्यपाल, अरुण, राजा, लकी, आलोक और संजय के साथ पांचालघाट आया था। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं दूसरी ओर, घाट पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि गोताखोरों द्वारा जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू किया जाता है और कई बार लोग मेहनताना देने से भी मुकर जाते हैं। हालांकि पैसों की मांग और देरी के आरोपों को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
अब यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने वाले पांचालघाट पर क्या प्रशिक्षित गोताखोरों और सरकारी रेस्क्यू टीम की स्थायी तैनाती नहीं होनी चाहिए? यदि पैसों की मांग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
