फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 अप्रैल 2026 आगामी 19 अप्रैल 2026 को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व के अवसर पर जनपद में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला प्रशासन ने विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्कता और सक्रियता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जारी आदेश के अनुसार, अक्षय तृतीया (जिसे अखतीज भी कहा जाता है) के दिन परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में विवाह संपन्न होते हैं, जिनमें कई मामलों में बाल विवाह की घटनाएं भी सामने आती हैं। प्रशासन ने इसे गंभीर सामाजिक कुरीति बताते हुए स्पष्ट किया है कि बाल विवाह, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
दो प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस
1. व्यापक जन-जागरूकता अभियान
जनपद के ग्राम पंचायतों, ब्लॉकों, शहरी वार्डों एवं जिला स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। लोगों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों एवं इसके सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि समाज में इस कुरीति के खिलाफ संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके।
2. विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान
ऐसे बच्चों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया है जो विद्यालय छोड़ चुके हैं या शिक्षा से वंचित हैं। ये बच्चे बाल विवाह के उच्च जोखिम में होते हैं। इसके लिए विद्यालयवार सूची तैयार कर संबंधित परिवारों की काउंसिलिंग, नियमित निगरानी और आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी उपजिलाधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ लागू करें।
यदि किसी भी स्तर पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समाज से सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ आगे आएं और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह अभियान समाज को जागरूक बनाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
