फर्रुखाबाद:“मिशन वात्सल्य” के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न, बाल विवाह रोकथाम पर दिए गए सख्त निर्देश

फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 जनवरी 2026 “मिशन वात्सल्य” के अंतर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिला टास्क फोर्स, बाल विवाह–डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स तथा जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक दिनांक 19 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में सम्पन्न हुई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ड एवं ग्राम स्तर पर गठित समितियों की बैठकें रोस्टर जारी कर प्रत्येक त्रैमास में अनिवार्य रूप से सम्पन्न कराई जाएं तथा ग्राम चौपाल के एजेंडे में भी इन्हें शामिल किया जाए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकें एक वर्ष के रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के होटल, ढाबों एवं कारखानों पर बाल श्रम के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए।

एआरटीओ को सघन अभियान चलाकर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा स्कूटी, किसी भी प्रकार का वाहन अथवा ई-रिक्शा चलाए जाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम हेतु प्रतिमाह एक गोष्ठी का आयोजन कर बच्चों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए।

बाल विवाह की सूचना देने हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, इमरजेंसी नंबर 112 अथवा विभागीय सीयूजी नंबर 7518024057 पर संपर्क करने की अपील की गई। अपर पुलिस अधीक्षक को बाल विवाह रोकथाम के लिए एक सर्कुलर जारी करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त विद्यालयों एवं कॉलेजों के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से https://stopchildmarriage.wcd.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शपथ लेने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त कठिन परिस्थितियों में सड़कों पर पाए जाने वाले अनाथ, परित्यक्त अथवा आपात स्थिति में रह रहे व्यक्तियों के पुनर्वासन हेतु संबंधित विभागों की संयुक्त समिति द्वारा औचक ड्राइव चलाने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू के दौरान मिलने वाले बच्चों एवं महिलाओं को यथासंभव परिवार में पुनर्वासित कराने अथवा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल देखरेख संस्थाओं एवं महिला आश्रय गृहों में आवासित कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार गौड़, मुख्य विकास अधिकारी अवनीन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी रजनीकांत, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चन्द्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, एआरटीओ, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।