क्या बीजेपी संगठन के बाद PM मोदी कैबिनेट बदलेगी?

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक, संगठन में बदलाव महज एक ‘ट्रेलर’ था, असली ‘फिल्म’ यानी कैबिनेट में बड़ा बदलाव अभी बाकी है. यह बदलाव की बातें सिर्फ हवा-हवाई नहीं हैं, बल्कि इसके संकेत मिलना शुरू हो गए हैं. अगस्त 2026 तक मोदी सरकार तीसरे कार्यकाल का करीब आधा वक्त पूरा कर चुकी है. पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिन्होंने कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को हवा दी है:

बीजेपी की नई टीम में सबसे चर्चित नाम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का है, जिन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है. यह नियुक्ति इसलिए अहम है क्योंकि वे एकमात्र ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें नितिन नवीन की नई टीम में जगह मिली है.

बीजेपी का ‘एक व्यक्ति-एक पद’ का अलिखित नियम है, जिसके तहत कोई नेता एक साथ सरकार और संगठन, दोनों में बड़ी जिम्मेदारी नहीं निभा सकता. इसी वजह से गोयल की नियुक्ति के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें कैबिनेट से हटाकर पूरी तरह संगठन की जिम्मेदारी दी जाएगी.

हालांकि, अमिताभ तिवारी कहते हैं कि यह नियम पूरी तरह से लागू नहीं होता. इसका सबसे बड़ा उदाहरण जे.पी. नड्डा हैं, जो जून 2024 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बने और जनवरी 2026 में नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने तक वे बीजेपी अध्यक्ष भी बने रहे. ऐसे में यह साफ नहीं है कि गोयल को तुरंत कैबिनेट से हटाया ही जाएगा. गोयल फिलहाल अमेरिका के साथ चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए उन्हें हटाना सरकार के लिए आसान फैसला नहीं होगा.

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