Tuesday, 03 November 2026 | 2:28 AM
विश्व

100% टैरिफ वाले बिल में ट्रंप का तगड़ा खेल!

अमेरिका रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों को सजा देने के लिए तैयार है. मॉस्को से एनर्जी खरीदने वाले देशों - जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं पर नए प्रतिबंध और 100% तक टैरिफ लगाने का खतरा मंडरा रहा है.
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100% टैरिफ वाले बिल में ट्रंप का तगड़ा खेल!
अमेरिका रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों को सजा देने के लिए तैयार है. मॉस्को से एनर्जी खरीदने वाले देशों - जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं पर नए प्रतिबंध और 100% तक टैरिफ लगाने का खतरा मंडरा रहा है. लेकिन जब बात वॉशिंगटन की अपनी न्यूक्लियर फ्यूल की जरूरतों की आती है, तो नियम थोड़े  फ्लैक्सिबल हो जाते हैं. इसी बिल में अमेरिका के लिए सिविल न्यूक्लियर सहयोग और रूस से कुछ खास तरह के यूरेनियम इंपोर्ट के लिए एक सुविधाजनक रास्ता भी छोड़ा गया है.

बुधवार को US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से मंजूरी पाने वाले 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' के तहत, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है जो रूस से कच्चा तेल या  नेचुरल गैस खरीदना जारी रखते हैं या मॉस्को को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं. लेकिन रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के इस बड़े पैकेज में परमाणु क्षेत्र से जुड़ी एक अहम छूट भी शामिल है.


इस कानून के तहत ट्रंप को रूस से यूरेनियम के आयात पर मौजूदा पाबंदियां लागू करनी होंगी. जिसमें रोसाटॉम स्टेट एटॉमिक एनर्जी कॉर्पोरेशन और उसकी सहायक कंपनियों से सप्लाई किया जाने वाला यूरेनियम भी शामिल है. साथ ही, बिल के एक और हिस्से में कहा गया है कि ये पाबंदियां अमेरिका-रूस के बीच नागरिक परमाणु सहयोग समझौतों के तहत की जाने वाली गतिविधियों या परमाणु रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले कम-संवर्धित यूरेनियम (low-enriched uranium) के कुछ खास तरह के आयात पर लागू नहीं होंगी.


इस कानून की धारा 111 अमेरिकी राष्ट्रपति को निर्देश देती है कि वे रूसी यूरेनियम आयात को नियंत्रित करने वाले मौजूदा अमेरिकी कानून की शर्तों को लागू करें. इसमें खास तौर पर रोसाटॉम और उसकी किसी भी सहायक या उत्तराधिकारी कंपनी से आने वाले यूरेनियम का जिक्र है. लेकिन धारा 114 में दो महत्वपूर्ण अपवाद भी दिए गए हैं. एक अपवाद ये है कि प्रतिबंधों से जुड़े नियम उन गतिविधियों पर लागू नहीं होंगे जो एटॉमिक एनर्जी एक्ट की धारा 123 के तहत हुए अमेरिका-रूस असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के अंतर्गत की जाती हैं. दूसरा अपवाद मौजूदा अमेरिकी कानून के दायरे में आने वाले परमाणु रिएक्टरों के लिए कम-संवर्धित यूरेनियम (low-enriched uranium) के कुछ आयातों, और साथ ही कुछ मेडिकल-आइसोटोप आयातों को छूट देता है जिनके लिए विशेष छूट दी गई है.